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McKinsey on Gen AI: नई रिपोर्ट से सामने आया जेन एआई का महत्व, ऑटो फाइनेंस और लीजिंग सेक्टर में बड़ी बचत संभव

Mon, 24 Nov 2025 10:51 PM IST
सुयश पांडेय ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जनरेटिव एआई ऑटो फाइनेंस और लीजिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है। McKinsey की रिपोर्ट के अनुसार ये संचालन लागत कम कर सकती है, इंडस्ट्री की काम करने की क्षमता बढ़ा सकती है साथ ही अंदरूनी फैसले और प्रक्रियाएं भी स्मार्ट बना सकती है।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनरेटिव एआई (जेन एआई) ऑटो फाइनेंस और लीजिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है। McKinsey की रिपोर्ट के अनुसार जेन एआई संचालन लागत कम कर सकती है, इंडस्ट्री की काम करने की क्षमता बढ़ा सकती है, सिर्फ कस्टमर इंटरैक्शन ही नहीं, बल्कि अंदरूनी फैसले और प्रक्रियाएं भी स्मार्ट बना सकती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेन एआई की मदद से कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो करीब 5-8% तक घट सकता है, जबकि अभी संचालन लागत कुल आय का लगभग 60% होती है।

कैसे फायदा मिलेगा?

कंपनियां ऐसे एजेंटिक सिस्टम्स अपना सकती हैं। यानी एआई-आधारित ऑटोनॉमस सिस्टम, जो खुद से काम करते हैं और जरूरत के हिसाब से फैसले लेते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो फाइनेंस कंपनियां चार तरह के एआई एजेंट्स का इस्तेमाल कर सकती हैं-

1. रीमार्केटिंग एजेंट 

इस एआई एजेंट के जरिए वापस आने वाले वाहनों की सही कीमत और सेल्स चैनल तय करना, मार्केट ट्रेंड्स का एआई-आधारित विश्लेषण और रिटर्न की बेहतर फोरकास्टिंग की जा सकती है।

2. सर्विस एंड ऑपरेशंस एजेंट

इस एआई एजेंट के जरिए एआई-आधारित कस्टमर सर्विस और डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग, रिपेयर बुकिंग और इंश्योरेंस क्लेम्स का विश्लेषण, तेज और ऑटोमेटेड रिपोर्ट तैयार करना (जैसे गैराज खर्च, डीलर परफॉर्मेंस) जैसे काम आसानी से किए जा सकते हैं।

3. प्रोक्योरमेंट एजेंट 

इस एआई एजेंट के जरिए लागत का एंड-टू-एंड ट्रैकिंग, वाहन की लाइफटाइम वैल्यू का अनुमान और असामान्य खर्च अपने-आप पहचानकर सुधार के सुझाव लिए जा सकते हैं।

4. सेल्स एंड प्राइजिंग एजेंट

इस एआई के जरिए सही प्राइसिंग और रेजिडुअल वैल्यू का अनुमान, हर महीने नई कीमतों के सुझाव, ग्राहकों से अग्रिम रूप से ऑफर्स के साथ संपर्क करना और खर्च और क्लेम्स में अनियमितताएं पहचानना जैसे काम किए जा सकते हैं।

कहां से होगी शुरुआत?

रिपोर्ट कहती है कि कंपनियां सबसे पहले रीमार्केटिंग से शुरुआत कर सकती हैं, क्योंकि अलग-अलग सेल्स चैनलों पर प्राइसिंग ऑप्टिमाइजेशन करना सबसे आसान और जल्दी असर दिखाने वाला कदम है।

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जेन एआई आधारित सिस्टम्स अपनाकर कंपनियों की संचालन लागत कम होगी, प्रक्रिया तेज और स्मार्ट होंगे और मानवीय प्रणाली ज्यादा महत्वपूर्ण कामों पर ध्यान दे सकेंगे।

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