अगर आप दिल्ली में वाहन चला रहे हैं और आपकी गाड़ी पर फ्यूल टाइप वाला कलर कोडेड स्टीकर (Colour Coded Fuel Type Sicker) नहीं लगा है, तो अब सतर्क हो जाइए। दिल्ली परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि अब इस नियम की अनदेखी करने वालों पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। इतना ही नहीं, ऐसे वाहनों को पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUCC) भी नहीं मिलेगा।
दरअसल, वाहन की विंडशील्ड पर लगाया जाने वाला यह कलर कोडेड स्टीकर, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट्स (HSRP) के आदेश का हिस्सा है, जिसे 2012-13 में लागू किया गया था। 2019 से इसे सभी पुराने और नए वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया।
क्या होता है कलर कोडेड स्टीकर?
कलर कोडेड स्टीकर से वाहन के फ्यूल टाइप की पहचान होती है। इन स्टीकरों का मकसद सड़कों पर चल रहे वाहनों की फ्यूल टाइप के आधार पर पहचान करना और प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत बनाना है। देश में डीजल से चलने वाले वाहनों को नारंगी (Orange) स्टीकर लगाना अनिवार्य है, जबकि पेट्रोल और CNG वाहनों पर हल्का नीला (Light Blue) स्टीकर और अन्य वाहनों पर ग्रे (Grey) स्टीकर लगवाना जरूरी है।
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परिवहन विभाग की चेतावनी
पीटीआई से बातचीत में दिल्ली परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे नियमों का सख्ती से पालन करें।" विभाग ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर बताया कि यह आदेश Motor Vehicles (High Security Registration Plates) Order 2018 के तहत आता है। इसका उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 192(1) के तहत जुर्माना लगाया जाएगा।
अधिकृत केंद्र के लगवाएं स्टीकर
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धारा 192(1) के तहत ऐसे वाहन चालक या मालिक जो बिना वैध पंजीकरण अथवा अनिवार्य प्लेट/स्टीकर के वाहन चलाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। साल 2020 में भी दिल्ली सरकार ने HSRP और कलर कोडेड स्टीकर न लगाने वाले वाहन चालकों पर विशेष अभियान चलाया था। तब भी 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का नियम लागू किया गया था।
क्या करें वाहन मालिक?
अगर आपकी गाड़ी पर अभी तक HSRP और कलर कोडेड स्टीकर नहीं लगा है, तो जल्द ही अधिकृत केंद्र से इसे लगवाएं। नहीं तो न सिर्फ भारी जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि PUCC भी नहीं मिलेगा और वाहन चलाना गैरकानूनी माना जाएगा।