कंपनी का कहना है कि नए कोरोना वायरस की वजह से इसे रिकॉर्ड समय में बनाया गया है। इसे इंटेलिजेंट एयर प्योरिफिकेशन सिस्टम का नाम दिया गया है। यह 0.3 माइक्रोमीटर के आकार वाले पार्टिकल को 95 प्रतिशत तक रोकने में सक्षम हैं। बता दें कि कोरोना वायरस 0.06 से 0.14 माइक्रोमीटर के होते हैं। चीनी कंपनी Geely ने हेल्दी कार प्रोजेक्ट नाम से 5.2 करोड़ डॉलर की लागत से यह पहल शुरू की है। चीन में कार बनाने वाली कई अन्य कंपनियों ने भी इस तरह की डिजाइन वाली कारें बनाना शुरू कर दी हैं।
बता दें कि दुनिया के लगभग सभी देश कोरोना वायरस से लड़ रहे हैं। वहीं अमेरिका इस महामारी से सबसे ज्यादा जूझ रहा है। अमेरिका 70 हजार मौतों का आंकड़ा छूने वाला है। दुनियाभर में इस वायरस से मरने वालों की संख्या ढाई लाख के करीब पहुंच गई है। जबकि दुनिया में इससे संक्रमित लोगों की संख्या 35 लाख के पार पहुंच गई है। मालूम हो कि इस वायरस की शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई थी। हालांकि चीन ने अब इस वायरस को काबू में कर लिया है।