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National Highways: तमिलनाडु के राष्ट्रीय राजमार्गों में डिजाइन खामियों से इनकार, सरकार ने बताए NH सुरक्षा मानक

Fri, 30 Jan 2026 08:12 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि तमिलनाडु के राष्ट्रीय राजमार्गों में डिजाइन खामियां नहीं हैं और सुरक्षा व्यवस्था बहु-स्तरीय है। वहीं, विपक्ष ने जमीनी हालात, जवाबदेही और समय पर सुरक्षा उपाय न किए जाने को लेकर गंभीर चिंताएं उठाई हैं।
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि तमिलनाडु के राष्ट्रीय राजमार्गों में किसी तरह की डिजाइन खामी नहीं है। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक संचालन शुरू करने से पहले सभी आवश्यक सड़क सुरक्षा उपाय लागू किए गए थे।
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ब्लैक स्पॉट्स पर हादसों का आंकड़ा
केंद्र सरकार ने सदन को बताया कि दिसंबर 2025 तक राष्ट्रीय राजमार्गों के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर 23,841 दुर्घटनाओं में 8,487 लोगों की मौत दर्ज की गई। सरकार के मुताबिक, इन स्थानों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

 

कौन-कौन से सुरक्षा उपाय किए जाते हैं
मंत्री ने कहा कि आवश्यक सड़क सुरक्षा उपायों में सर्विस रोड, मीडियन ओपनिंग, मर्जिंग-डाइवर्जिंग सुविधाएं, क्रैश बैरियर, साइन बोर्ड, फुट ओवरब्रिज (FOB) और अन्य सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि नई सड़कों को खोलने से पहले स्वतंत्र रोड सेफ्टी ऑडिट किया जाता है, और संचालन के दौरान नियमित अंतराल पर आकलन कर खामियां दूर की जाती हैं।

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देशभर में ई-डार पोर्टल से निगरानी
गडकरी ने बताया कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना डेटा की निगरानी eDAR (इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट) पोर्टल के जरिए देशव्यापी स्तर पर की जाती है। इससे दुर्घटना-प्रवण स्थानों की पहचान कर समय पर सुधार संभव होता है।

हर चरण में थर्ड-पार्टी ऑडिट अनिवार्य
सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव, सभी चरणों में थर्ड-पार्टी ऑडिट और विशेषज्ञों द्वारा रोड सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है।

 
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कांग्रेस सांसद ने उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में खराब डिजाइन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग "महत्वपूर्ण आर्थिक कॉरिडोरों को हादसों का हॉटस्पॉट" बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर सर्विस रोड की कमी, अवैध क्रॉसिंग, पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों का हाई-स्पीड ट्रैफिक के साथ असुरक्षित मिश्रण, और गलत दिशा में वाहन चलना, ये सब जोखिम बढ़ाते हैं।

जवाबदेही और देर से किए गए सुधार पर सवाल
टैगोर ने पूछा कि क्या उन इंजीनियरों, कंसल्टेंट्स और ठेकेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है, जिनकी "खामियों भरी डिजाइन" से सड़कें खतरनाक बनीं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अस्पतालों, बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थानों के पास भारी पैदल आवाजाही के बावजूद पैदल/वाहन अंडरपास और अन्य सुरक्षा सुविधाएं शुरुआत में क्यों नहीं जोड़ी गईं। और क्या ये कदम केवल हादसों, विरोध और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद ही उठाए गए।

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