कौन-कौन से सुरक्षा उपाय किए जाते हैं
मंत्री ने कहा कि आवश्यक सड़क सुरक्षा उपायों में सर्विस रोड, मीडियन ओपनिंग, मर्जिंग-डाइवर्जिंग सुविधाएं, क्रैश बैरियर, साइन बोर्ड, फुट ओवरब्रिज (FOB) और अन्य सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि नई सड़कों को खोलने से पहले स्वतंत्र रोड सेफ्टी ऑडिट किया जाता है, और संचालन के दौरान नियमित अंतराल पर आकलन कर खामियां दूर की जाती हैं।
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कांग्रेस सांसद ने उठाए गंभीर सवाल
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में खराब डिजाइन वाले राष्ट्रीय राजमार्ग "महत्वपूर्ण आर्थिक कॉरिडोरों को हादसों का हॉटस्पॉट" बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि निरंतर सर्विस रोड की कमी, अवैध क्रॉसिंग, पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों का हाई-स्पीड ट्रैफिक के साथ असुरक्षित मिश्रण, और गलत दिशा में वाहन चलना, ये सब जोखिम बढ़ाते हैं।
जवाबदेही और देर से किए गए सुधार पर सवाल
टैगोर ने पूछा कि क्या उन इंजीनियरों, कंसल्टेंट्स और ठेकेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई है, जिनकी "खामियों भरी डिजाइन" से सड़कें खतरनाक बनीं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अस्पतालों, बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थानों के पास भारी पैदल आवाजाही के बावजूद पैदल/वाहन अंडरपास और अन्य सुरक्षा सुविधाएं शुरुआत में क्यों नहीं जोड़ी गईं। और क्या ये कदम केवल हादसों, विरोध और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद ही उठाए गए।
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