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Highways: सड़क निर्माण में केंद्र सरकार करेगी 10 लाख करोड़ का निवेश, पूर्वोत्तर में अमेरिका जैसी होंगी हाईवे

Sun, 13 Apr 2025 12:43 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पूर्वी राज्यों में 21,355 किलोमीटर लंबे 784 सड़क परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिन पर कुल मिलाकर करीब 3.73 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत की सड़क नेटवर्क को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार आने वाले दो वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने की योजना बना रही है। इसका सबसे बड़ा फोकस पूर्वोत्तर भारत और सीमावर्ती क्षेत्रों में होगा, जहां की सड़कें जल्द ही अमेरिकी सड़कों की तरह नजर आएंगी।
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गडकरी ने कहा कि कठिन भूगोल और सीमाओं से सटे इलाकों को देखते हुए पूर्वोत्तर में बेहतरीन सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। उन्होंने कहा, "हमारा प्रयास है कि भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ संरचनाओं की बराबरी पर लाया जाए।"

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे - फोटो : वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार
पूर्वी भारत में 784 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू
गडकरी के मुताबिक पूर्वी राज्यों में 21,355 किलोमीटर लंबे 784 सड़क परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिन पर कुल मिलाकर करीब 3.73 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन परियोजनाओं में सड़क परिवहन मंत्रालय, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) की बड़ी भूमिका होगी।

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राज्यवार निवेश की स्थिति
असम: 57,696 करोड़ रुपये
बिहार: 90,000 करोड़ रुपये
झारखंड: 53,000 करोड़ रुपये
पश्चिम बंगाल: 42,000 करोड़ रुपये
ओडिशा: 58,000 करोड़ रुपये
पूर्वोत्तर (असम को छोड़कर): 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक
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Highway (For Representation Only) - फोटो : Freepik
नागपुर में चल रहा पायलट प्रोजेक्ट
गडकरी ने बताया कि नागपुर में 170 करोड़ रुपये की लागत से एक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट पायलट प्रोजेक्ट पर भी काम चल रहा है। इसमें 135 सीटर बस शामिल है, जो प्रदूषण मुक्त ऊर्जा से चलेगी और बेहद किफायती होगी। अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है, तो इसे दिल्ली-जयपुर जैसे व्यस्त रूट्स पर भी लागू किया जाएगा।

गडकरी ने बताया कि देश का नेशनल हाईवे नेटवर्क 2014 में 91,287 किलोमीटर था, जो अब बढ़कर 1,46,204 किलोमीटर हो गया है। इसके अलावा, दो लेन से कम हाईवे की संख्या अब 30% से घटकर सिर्फ 9% रह गई है।

2024–25 में NHAI ने 5,150 किलोमीटर के लक्ष्य के मुकाबले 5,614 किलोमीटर हाईवे का निर्माण किया है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
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