हर कार में गियर लिवर के पास एक हैंड ब्रेक दिया जाता है, जिसे पार्किंग ब्रेक भी कहा जाता है। इसका मुख्य काम गाड़ी को पार्क करने के बाद स्थिर रखना होता है ताकि कार अपने आप आगे या पीछे न सरके। जब तक इसे हटाया नहीं जाता, गाड़ी को आसानी से हिलाना मुश्किल हो जाता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि अगर गलती से या मजाक में चलती कार में हैंड ब्रेक लगा दिया जाए तो क्या होगा। एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसा करना बेहद खतरनाक हो सकता है।
कार का कंट्रोल खो सकता है
जब आप तेज रफ्तार में अचानक हैंडब्रेक खींचते हैं, तो पिछले पहिये तुरंत जाम हो जाते हैं। इससे गाड़ी का फ्रिक्शन यानी की घर्षण खत्म हो जाता है और वह सड़क पर फिसलने लगती है। अगर सड़क गीली है या मोड़ है, तो कार पलट भी सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकता है।
ये भी पढ़े: Driving License: ड्राइविंग टेस्ट देने जा रहे हैं? घबराएं नहीं, इन छह आसान तरीकों से एक बार में पाएं लाइसेंस
ब्रेक केबल का टूटना और सिस्टम फेलियर
हैंडब्रेक एक मैकेनिकल केबल के जरिए काम करता है। चलती गाड़ी के टॉर्क और फोर्स के खिलाफ जब केबल पर अचानक दबाव पड़ता है, तो उसके टूटने की संभावना 90 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। एक बार केबल टूटी, तो इमरजेंसी में गाड़ी रोकने का आपका अंतिम विकल्प भी खत्म हो सकता है।
टायर और सस्पेंशन को नुकसान
सोचिए, पहिया घूमना बंद कर चुका है लेकिन गाड़ी की गति उसे आगे घसीट रही है। ऐसे में टायर सड़क पर बुरी तरह रगड़ा जाते हैंस, जिससे वे एक ही बार में फटने की कगार पर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, अचानक लगने वाला यह झटका कार के एक्सल (Axle) और सस्पेंशन को टेढ़ा कर सकता है।
ये भी पढ़े: Road Accidents: महाराष्ट्र में 10 साल में सड़क दुर्घटना दर में बड़ी गिरावट, क्या वहां सड़क हादसों का जोखिम कम हुआ?
गियरबॉक्स और इंजन पर घातक प्रहार
यह सबसे महंगा नुकसान है। अगर गाड़ी गियर में है और आप हैंडब्रेक खींचते हैं, तो इंजन पहियों को घुमाना चाहता है जबकि ब्रेक उन्हें रोकने का काम करता है। इसमें जीत किसी की नहीं होती, बस आपका ट्रांसमिशन (गियरबॉक्स) अंदर से टूट जाता है। गियरबॉक्स रिपेयरिंग का खर्चा आपकी जेब पर लाखों का बोझ डाल सकता है।
क्या कभी चलती कार में हैंड ब्रेक इस्तेमाल करना चाहिए?
कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे कि अगर मुख्य ब्रेक अचानक फेल हो जाए, तब धीरे-धीरे हैंड ब्रेक खींचकर गाड़ी की स्पीड कम की जा सकती है, लेकिन यह प्रक्रिया बहुत सावधानी से और धीरे-धीरे करनी चाहिए, अचानक नहीं। जब गाड़ी की रफ्तार काफी कम (20-30 किमी/घंटा) हो जाए, तब हैंडब्रेक को धीरे से ऊपर उठाएं।