टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवीन सोनी ने कहा कि हम अपने वाहनों की लॉन्चिंग के समय और पड़ने वैश्विक प्रभावों का मूल्यांकन कर रहे हैं। साथ ही, कोरोना वायरस का प्रभाव और हमारे व्यापार पर लॉकडाउन का कितना असर पड़ा है इसका भी मूल्यांकन भी कर रहे हैं।
बता दें कि ह्यूंदै मोटर इंडिया ने मार्च के अंत में वर्ना फेसलिफ्टेड लॉन्च की है। कार की कुछ यूनिट को डीलरशिप पर भेजने साथ ही कीमतों की ऑनलाइन घोषणा भी की। हालांकि लॉकडाउन के कारण बिक्री प्रभावित हुई। इसके चलते अगस्त में लॉन्च होने वाली फेसलिफ्टेड टूसों की लॉन्चिंग में देरी हो सकती है। ऐसे ही किआ मोटर्स की अगस्त में सब-कॉम्पैक्ट सोनेट कॉम्पैक्ट एसयूवी लॉन्च करने की योजना थी। लेकिन अब इसकी लॉन्चिंग में भी देरी हो सकती है। कंपनी सोनेट को ह्यूंदै वेन्यू की टक्कर में उतारना चाहती है।
वहीं फ्रॉस्ट एंड सुलविन के उपाध्यक्ष कौशिक माधवन ने कहा कि अधिकतर वाहन निर्माताओं का ध्यान मौजूदा स्थिति से उबरने और अपने व्यवसाय को टिकाऊ बनाने पर है। उन्होंने कहा कि नए वाहन को लॉन्च करना भी कोई अच्छा कदम नहीं है क्योंकि कुछ ग्राहक अभी डीलरशिप में कदम भी नहीं रखेंगे। हालांकि कंपनियां ऑनलाइन लॉन्चिंग कर सकती हैं, जिससे ग्राहकों को उत्पादों को देखने में मदद मिलेगी। वहीं ऑटो सेक्टर को पटरी पर लाना एक बड़ी चुनौती है। क्योंकि अधिकांश लोग (मैनपावर) अपने मूल स्थानों पर चले गए हैं। ऐसे माहौल में सब कुछ सामान्य करने में कम से कम छह महीने का वक्त लग सकता है।
वहीं टाटा मोटर्स की तरफ से वाहनों की लॉन्चिंग को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कंपनी की अक्टूबर से पहले लॉन्चिंग की संभावना नहीं है। डीलर्स का कहना है कि कंपनी अपने पोर्टफोलियों में सबसे छोटी एसयूवी एचबीएक्स और Gravitas 7 सीटर वाले मॉडल को लॉन्च करने वाली थी, लेकिन अब इसमें देरी हो सकती है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के सूत्रों ने कहा कि कंपनी के पास वित्त वर्ष 2021 के दौरान कोई नया उत्पाद लॉन्चिंग के लिए नहीं था। हालांकि कंपनी अब थार, स्कॉर्पियों और एक्सयूवी 500 के लिए कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं बना रही है। वहीं सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने भी इस पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया।