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ऑटो डीलर्स ने कार कंपनियों और सरकार से मांगी वित्तीय मदद, बोले- बिना कमाई कैसे दें कर्मचारियों की सैलरी!

Mon, 13 Apr 2020 02:02 PM IST
अवधेश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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automobile sector - फोटो : Social
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ऑटो सेक्टर बुरे दौर से गुजर रहा है। इसके चलते अब ऑटोमोबाइल डीलर्स वित्तीय मदद मांग रहे हैं। उन्होंने कार निर्माताओं और सरकार से मौजूदा स्थिति को देखते हुए वित्तीय मदद मांगी है। बता दें कि ऑटो सेक्टर मंदी की मार तो झेल ही रहा है साथ ही अभी डीलर्स के पास काफी बीएस4 स्टॉक भी बना हुआ है। ऐसे में डीलर्स को कर्मचारियों और बिक्री के लिए आधारभूत सेवाओएं को बनाए रखने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, कयोंकि देशभर में इस समय लॉकडाउन चल रहा है।   

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फाइनेंशियल सपोर्ट का भी एलान

वाहन डीलरों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) के अध्यक्ष आशीष हर्षराज काले का कहना है कि वे इस मुश्किल वक्त में व्यापार को सामान्य स्थिति में बरकरार रखने के लिए ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) का सपोर्ट कर रहे हैं। काले ने कहा कि ऐसे समय में OEMs ने ध्यान रखा है और हमारा बकाया वापस किया है। अभी हमें कुछ एडवांस ऑर्डर्स भी मिले हैं। वहीं फाइनेंशियल सपोर्ट भी करने का भी एलान किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में हमारी मदद की जाएगी। डीलरशिप में कर्मचारियों को बनाए रखने और रखरखाव के लिए यह मदद बहुत जरूरी है।

 

सेल्स नेटवर्क का रिस्टोरेशन

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मार्च में भी न तो हमने मैनपावर की कमी की और न ही कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की है। हालांकि अप्रैल में बिना कमाई के सैलरी देना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद मुश्किल समय है, इसके लिए हमें जेब खर्च और मदद चाहिए होगी, क्योंकि लॉकडाउन खत्म होने के बाद उन्हें सेल्स नेटवर्क को फिर से ठीक करना है और स्थिति सामान्य होने पर मैनपावर की ज्यादा जरूरत होगी।
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बीएस4 स्टॉक की वापसी

उन्होंने बताया कि हाल ही में हीरो मोटोकॉर्प और स्कूटर इंडिया के बिना बिके बीएस4 स्टॉक को खरीदने के एलान से डीलर्स को काफी राहत पहुंची है। उम्मीद है कि बाकि OEMs भी मदद के लिए आगे आएंगे। एफएडीए के पूर्व प्रेसिडेंट और ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल के प्रेसिडेंट निकुंज ने कहा कि OEMs ने सपोर्ट पैकेज दिए थे, जो पहले से ही बाकी थे। अभी और कोई सपोर्ट नहीं मिला है, तो ऐसे में बिना कैश फ्लो स्थिति का कैसे सामना किया जाए। फिलहाल सैलरी, बिजली बिल, किराया, बैंक ब्याज, सिक्योरिटी आदि जैसे खर्च भी उठाने हैं। 
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