कार के इंजन का तापमान सिर्फ कूलेंट की कमी से ही नहीं बढ़ता, इसके पीछे खराब वॉटर पंप, जाम थर्मोस्टेट और यहां तक कि एक ढीला ऑयल कैप भी जिम्मेदार हो सकता है। ऐसे में अगर समय रहते इन संकेतों को नहीं पहचाना गया, तो इंजन स्थायी रूप से डैमेज हो सकता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो मेंटेनेंस में छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे और भारी खर्च की वजह बन बनती है।
क्यों ओवरहीट होता है कार का इंजन?
कार का इंजन लगातार काम करते समय काफी गर्मी पैदा करने लगता है। इसे नियंत्रित रखने के लिए एक कूलिंग सिस्टम काम करता है, लेकिन इसमें छोटी सी खराबी भी इंजन ओवरहीटिंग का कारण बन सकती है।
कूलेंट लीक
अगर पाइप, रेडिएटर या कनेक्शन से कूलेंट लीक होने लगे, तो इंजन तेजी से गर्म होने लगता है। यह सबसे आम वजहों में से एक मानी जाती है।
वॉटर पंप खराब होना
वॉटर पंप कूलेंट को पूरे सिस्टम में घुमाता है। इसके खराब होने पर कूलेंट का फ्लो रुक जाता है और इंजन गर्म हो सकता है।
कूलेंट लेवल कम होना
कम कूलेंट इंजन की गर्मी को सही तरीके से कंट्रोल नहीं कर पाता, जिससे तापमान बढ़ जाता है।
थर्मोस्टेट जाम होना
थर्मोस्टेट कूलेंट के फ्लो को नियंत्रित करता है। इसके जाम होने पर कूलेंट रेडिएटर तक नहीं पहुंच पाता और इंजन के अंदर ही गर्मी फंस जाती है।
खराब या पुराना इंजन ऑयल
इंजन ऑयल सिर्फ लुब्रिकेशन नहीं करता, बल्कि गर्मी कम करने में भी मदद करता है। पुराना या कम ऑयल होने पर इंजन पार्ट्स के बीच घर्षण बढ़ जाता है, जिससे इंजन ज्यादा गर्म होने लगता है।
रेडिएटर कैप में खराबी
रेडिएटर कैप सिस्टम में सही प्रेशर बनाए रखता है। अगर यह खराब हो जाए, तो कूलेंट उबलकर बाहर निकल सकता है और इंजन तेजी से गर्म होने लगता है।
ऑयल कैप ढीला होना
ओवरहीट होने का प्रमुख कारण इसकी ऑयल कैप का ठीक से बंद न होना भी हो सकती हैं। अगर यह ठीक से बंद नहीं हुआ, तो इंजन ऑयल लीक हो सकता है। इससे इंजन की कूलिंग और लुब्रिकेशन दोनों प्रभावित होते हैं।
टेंपरेचर सेंसर खराब होना
ये सेंसर इंजन के तापमान की जानकारी देता है। सेंसर खराब होने पर ड्राइवर को सही समय पर चेतावनी नहीं मिलती और समस्या गंभीर हो सकती है।
कूलिंग फैन खराब होना
ट्रैफिक या धीमी स्पीड में कूलिंग फैन रेडिएटर को ठंडा रखने का काम करता है। अगर फैन काम करना बंद कर दे, तो इंजन जल्दी ओवरहीट हो सकता है।
रेडिएटर जाम होना
रेडिएटर में धूल, मिट्टी या कचरा जमा होने से हवा का फ्लो रुक जाता है। इससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और इंजन का तापमान बढ़ने लगता है। आप इन छोटी-छोअी बातों को ध्यान में रखकर अपने इंजन को ओवरहीट होने से बचा सकते हैं।