इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि अगर ईवी की बैटरी पूरी तरह खत्म हो जाए तो क्या होगा। अच्छी बात यह है कि इलेक्ट्रिक कार कभी भी अचानक बंद नहीं होती, बल्कि पहले कई बार अलर्ट देती है। बैटरी कम होने पर कार टर्टल मोड में चली जाती है, जहां स्पीड और एसी जैसे फीचर्स सीमित हो जाते हैं ताकि ड्राइवर सुरक्षित जगह तक पहुंच सके।
टर्टल मोड क्या होता है ?
जब बैटरी बेहद कम होती है, तो कार खुद से ही टर्टल मोड पर चली जाती है। इस दौरान कार की स्पीड सीमित हो जाती है और एसी व अन्य कुछ फीचर्स बंद हो जाते हैं। साथ पावर सेविंग मोड भी खुद ही चालू हो जाता है। अगर कार की बैटरी कम हाेने लगती है, तो पहले ही डैशबोर्ड पर कछुए का निशान दिखाई देता है, जो संकेत देता है कि बैटरी बेहद कम है इसे चार्ज करें।
बैटरी खत्म होने से पहले मिलते हैं कई अलर्ट
इलेक्ट्रिक कारें कभी भी अचानक बंद नहीं होतीं। जब बैटरी 15-20 प्रतिशत तक पहुंचती है, तो चालक को डैशबोर्ड पर चार्जिंग का अलर्ट आने लगता है। बैटरी और कम होने पर लाल चेतावनी संकेत और बीप साउंड ड्राइवर को सतर्क करते हैं।
0% बैटरी पर भी बची रहती है थोड़ी पावर
बहुत से लोगों को ये बात नहीं पता होती, कि अगर डिस्प्ले पर बैटरी 0% दिखने लगे, तब भी EV में थोड़ी रिजर्व एनर्जी मौजूद रहती है। इसका मकसद ड्राइवर को सुरक्षित जगह तक पहुंचने का समय देना होता है।
पूरी तरह रुकने के बाद क्या काम करता है?
अगर चार्जिंग स्टेशन तक पहुंचना संभव नहीं हो पाता, तो ईवी धीरे-धीरे रुक जाती है। हालांकि इसके बाद भी दरवाजों के लॉक, खिड़कियां और बाहरी लाइट्स कुछ समय तक काम करते रहते हैं। ब्रेक और स्टीयरिंग भी काम करते हैं, लेकिन थोड़े भारी महसूस हो सकते हैं।
रास्ते में फंस जाएं तो क्या करें?
पेट्रोल कार की तरह ईवी में बोतल से बैटरी चार्ज नहीं की जा सकती। ऐसी स्थिति में टो-ट्रक बुलाना पड़ सकता है। कुछ शहरों में मोबाइल ईवी चार्जिंग वैन की सुविधा भी उपलब्ध है, जो सड़क किनारे आकर कार को थोड़ा चार्ज कर देती हैं।