देश की ऑटो कंपनियां भले ही फिलहाल बिक्री में गिरावट के संकट से जूझ रही हैं, पर लंबी अवधि में उनके कारोबार की संभावनाएं बेहतर हैं। मार्केटिंग संबंधी सूचनाएं उपलब्ध कराने वाली ग्लोबल फर्म जेडी पावर ने अपनी एक रिपोर्ट यही उम्मीद जताई है। जेडी पावर ने बताया है कि 2020 तक देश में गाड़ियों का बाजार करीब तिगुना बढ़कर 93 लाख वाहन सालाना के स्तर पर पहुंच जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक देश में लोगों की खर्च योग्य आय में बढ़ोतरी होने से वाहनों की मांग में तेजी आएगी। इसके चलते वाहनों का बाजार सालाना 16 फीसदी की दर से चक्रवृद्धि बढ़ोतरी के साथ बढ़ेगा। हालांकि भारत में चीन की तरह वाहनों के बाजार में उछाल नहीं दिखाई देगा और यह धीरे-धीरे एक सतत रफ्तार के साथ बढ़ते हुए 2020 तक अपने आकार को करीब तिगुना कर लेगा।
वाहनों के बाजार के इस विस्तार की वजह बताते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में दैनिक जरूरतों के अलावा खर्च करने योग्य आय वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इसमें काफी बड़ी संख्या युवाओं की होगी, जो कि कारों के अच्छे संभावित खरीदार माने जाते हैं।
जेडी पावर की यह रिपोर्ट देश की कार कंपनियों को ऐसे समय में अच्छा दिलासा दे सकती है, जबकि उनकी बिक्री का आंकड़ा 12 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है और फरवरी में कारों की घरेलू बिक्री 25.71 फीसदी की बड़ी गिरावट के साथ 1.58 लाख के स्तर पर पहुंच गई है।