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ट्रक ड्राइवर नहीं रेसर कहिए जनाब, एक पहल ने बदल दी ट्रक ड्राइवरों की जिंदगी

Fri, 03 Feb 2017 05:23 PM IST
Amit Dwivedi / Amar Ujala / New Delhi
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ट्रक ड्राइवर बने रेसर - फोटो : Tata Motors
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सुबह से लेकर शाम तक हमारी जो भी जरूरतें होती हैं वो तब पूरी हो पाती हैं जब बड़े-बड़े ट्रक देश के न जाने कौन-कौन से रास्ते से होते हुए हमारी जरूरत की चीजें हम तक पहुंचाते हैं। इसके बावजूद सबसे ज्यादा मुश्किल में रहते हैं ये ट्रक वाले। ज्यादातर सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं का ठीकरा बिना सोचे समझे लोग इनके सिर फोड़ देते हैं। लेकिन अब देश बदल रहा है और ये बदलाव इन ट्रक वालों में भी आप धीरे-धीरे महसूस करने लगेंगे। हो सकता है आपकी गाड़ी के साइड ग्लास में या फिर रियर व्यू मिरर में दिख रहे ट्रक की स्टीयरिंग संभाले बैठे ड्राइवर को आप पहचानते हों और आपने उसे टीवी पर देखा या अखबार में पढ़ा हो। आइए आगे जानते हैं ऐसा क्यों कह रहा हूं मैं। 
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ऐसा कैसे हुआ ये संभव 

ट्रक ड्राइवर ट्रेनिंग सेशन के दौरान - फोटो : Tata Motors
टाटा मोटर्स ने अपने ट्रक ड्राइवरों को एक अलग पहचान देने के लिए एक रेसिंग कार्यक्रम की शुरुआत की। जिसके तहत उसने अपने डीलर्स के साथ मिलकर ट्रक ड्राइवरों की एक सूची बनाई और उसमें से बढ़िया ट्रक चलाने वाले कुछ ड्राइवरों का चयन किया तथा उन्हें ट्रक रेसिंग में हिस्सा लेने के लिए पूरी ट्रैक ट्रेनिंग दी। इसके बाद पहली बार भारत में बुद्व इंटरनेशनल सर्किट पर ट्रक रेसिंग का आयोजन 2014 में किया गया। अब तक तीन संस्करण इस रेसिंग के हो चुके हैं जिसने कई ट्रक ड्राइवरों की जिंदगी बदल दी। जिन ट्रक ड्राइवरों ने ढाबे के अलावा कहीं खाना नहीं खाया आज वो प्लेन में चल रहे हैं और फाइव स्टार होटल में टाटा के प्रशिक्षकों के साथ चेन्नई में ट्रेनिंग ले रहे हैं। हाल ही में टाटा मोटर्स ने चौथे चरण के अपने टी1 रेसर प्रोग्राम को लांच किया। इस बार के टी1 प्राइमा ट्रक रेसिंग चैंपियन‌शिप 2017 के सीजन 4 के लिए 1000 से ज्यादा आवेदन आए हैं।

मिलिए 2016 के ट्रक रेसरों से 

ट्रक ड्राइवर ट्रेनिंग सेशन के दौरान - फोटो : Tata Motors
टी1 प्राइमा ट्रक रेसिंग चैंपियनशिप 2016 के दौरान जगत सिंह और नागार्जुन ने अपने शानदार प्रदर्शन से लोगों का दिल जीत लिया। अमर उजाला से बात करते हुए नागार्जुन कहते हैं कि,"पहले मुझे समाज महज एक ट्रक ड्राइवर के रूप में देखता था लेकिन अब मुझे हर कोई रेसर कहता है। मैं अभी भी अपने पेशे से जुड़ा हुआ हूं लेकिन अब चीजें बदल गई हैं। भारत में शुरू हुए इस तरह के ट्रकिंग इवेंट से ट्रक ड्राइवर जहां एक तरफ सेफ ड्राइविंग के टिप्स सीख रहे हैं तो वहीं अब उनको भी एक मकसद मिला है जहां वो अच्छा प्रदर्शन करके एक रेसर बनने का सपना बुन सकते हैं।" 

10 लाख का पुरस्कार भी जीता 

ड्राइवर ट्रेनिंग प्रोग्राम - फोटो : Tata Motors
एमओएमए (मोमा मोटरस्पोर्ट मैनेजमेंट) के साथ करार के तहत तीन महीने तक भारत के कुशल रेस प्रशिक्षकों द्वारा ट्रेनिंग लेने के बाद ‘हीरोज़ ऑफ द हाईवेज़’ किसी भी भारतीय मोटरस्पोट्र्स आयोजन में 2016 के दौरान आयोजित अब तक की सबसे बड़ी पुरस्कार राशि अपने घर ले गए। दो सुपर क्लास रेस में पहले स्थान पर रहने वाले विजेताओं में से प्रत्येक को 10 लाख रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया। 
 

ट्रक ड्राइवरों को ऐसे दिया जाता है प्रशिक्षण 

टाटा मोटर्स - फोटो : Tata Motors
टीआरपी प्रशिक्षण के प्रारूप को अलग तरीके से डिज़ाइन किया गया है, क्योंकि इसमें ऐसे ड्राइवरों को रेसिंग के लिए तैयार करना है जिनके पास ट्रैक ड्राइविंग का पहले कोई अनुभव नहीं रहा है। इनमें से कई ऐसे भी हो सकते हैं, जिन्हों पहले कभी प्राइमा को नहीं चलाया हो और उनकी बेसिक शिक्षा भी बहुत कम है। ऐसे में पाठ्यक्रम की सामग्री को ड्राइवरों के अनुकूल बनाई गई है, ताकि इसे सभी ड्राइवर आसानी से समझ सकें, वह भी काफी कम समय में। चार लेवल के तहत ड्राइवरों को प्रशिक्षित किया जाता है जो कि इस प्रकार हैं। 

लेवल एक- रेस के सिद्धांत की बुनियादी जानकारी और ट्रैक ड्राइविंग का पाठ
लेवल दो - ज्यादा गहन प्राइमा-ड्राइविंग सत्र में शामिल होना
लेवल तीन - शारीरिक व मानसिक प्रशिक्षण
लेवल चार- "रोड-ड्राइवर" को "प्राइमा-रेसर" के तौर पर सक्षम बनाना
 
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टाटा मोटर्स का कहना

अमर उजाला से बातचीत में  टाटा मोटर्स के वाइस प्रेसीडेंट, वााणिज्यिक वाहन, आर. टी. वासन ने बताया, "हमारा मकसद उन ड्राइवरों को समाज में एक जगह दिलानी थी जो उपेक्षा का शिकार थे। अगर ये ट्रक न चलें तो पूरे देश में बड़ी समस्या पैदा हो जाएगी, इसके बावजूद इन ट्रकों को हजारों किलोमीटर चलाकर लोगों की जरूरत का सामान पहुंचाने वाले ट्रक ड्राइवरों के पास ऐसा कोई प्लेटफॉर्म नहीं था जहां वो खुद को गर्वान्वित महसूस कर सकें। इस पहल से पिछले तीन साल में बहुत कुछ बदला है। ट्रक ड्राइवर एक ट्रक रेसर का सम्मान पा सकता है यह एक सपना है जो हमने उनको दिया है। हर सीजन में हम लगातार सुधार करते रहे हैं इस बार की टी 1 पाइमा रेसिंग और दिलचस्प होगी।"
 
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