आम तौर पर त्योहारी सीजन और उससे पहले आने वाले श्राद्ध पक्ष में ऑटो कंपनियां अपनी गाड़ियों के दाम घटाकर बिक्री की रफ्तार बढ़ाने की कोशिश करती हैं। लेकिन इस बार रुपए की बिगड़ी तबीयत ने सारी रणनीति उलट दी है।
डॉलर की तुलना में रुपए के लगातार कमजोर होने की वजह से कार कंपनियों ने तय कर लिया है कि त्योहारों से पहले ही कार के दाम बढ़ेंगे। ऐसा करने कार कंपनियों में अब मारुति भी शामिल हो गई है।
कंपनी ने अपने सभी मॉडलों की कीमत बढ़ाने का फैसला किया है। अक्टूबर के पहले सप्ताह से सभी मॉडल 3,000 से 10,000 रुपए तक महंगे हो जाएंगे।
मारुति सुजुकी इंडिया के सीओओ मयंक पारिख का कहना है,"रुपए की गिरती कीमत ने लागत खर्च बढ़ा दिया है। इसलिए हम कुछ समय से दाम बढ़ाना चाह रहे थे। हालांकि, बाजार इसके अनुकूल नहीं था। लेकिन अब यह बढ़ोतरी जरूरी है।"
इससे पहले भी हुंडई और टोयोटो जैसी कार कंपनियां रुपए की दुहाई देते हुए अपने कई मॉडल की कीमतें बढ़ा चुकी हैं।
कंपनी रुपए की गिरती कीमत के कारण कारों की कीमतें बढ़ा रही है या फेस्टिव ऑफर देने से पहले यह रणनीति अपना रही हैं, इस पर आपका क्या कहना है? क्या इससे ग्राहकों के कार खरीदने के फैसलों पर कुछ असर होगा।
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