एक ही प्लेटफॉर्म पर तैयार हुईं, बोनट के नीचे एक जैसा इंजन, ताकत के आंकड़े भी एक जैसे और माइलेज भी एक जैसा...यहां बात हो रही है रेनो क्विड और डैटसन रेडी-गो की। दोनों कारों की आत्मा तो एक जैसी है बस रूप-रंग अलग-अलग है।
एक साल पहले आई क्विड, सफलता का नया नाम है। वहीं, रेडी-गो वो कार है जिसके जरिए डैटसन कंपनी भारत में सफलता की उम्मीदें लगाए बैठी है। क्विड को जल्द ही नया 1.0 लीटर या 1000 सीसी का इंजन और ऑटोमैटेड मैनुअल ट्रांसमिशन (एएमटी) वाला गियरबॉक्स मिलने वाला है।
डी-गो ने भारत में अपनी पहली पारी शुरू कर दी है। ऐसे में यहां जानने की कोशिश करेंगे कि इतनी मिलती-जुलती होने के बावजूद कितनी अलग हैं यह दो कारें…
लुक और डिजाइन
Datsun redi GO
यह वो मोर्चा है जहां दोनों कारें एक-दूसरे के एकदम उलट हैं। कम शब्दों में कहा जाए तो रेडी-गो देखने में एक ऊंची और कॉम्पैक्ट कार नजर आती है। दूसरी तरफ रेनो क्विड लंबी-चौड़ी और थोड़ी रफ-टफ सी लगती है। रेडी-गो को डैटसन की युकान डिजाइन थीम पर बनाया गया है। जापानी में युकान का मतलब होता है बोल्ड या दमदार। यह सेगमेंट की सबसे ऊंची कार है। इसकी तुलना आप हुंडई सेंट्रो या फिर मारुति की वैगन-आर से कर सकते हैं।
क्विड की तरह ही यह कार भी अपने कॉन्सेप्ट के काफी करीब है। कार के मुख्य आकर्षण हैं इसके स्वेप्ट बेक हैडलैंप्स, छोटा फ्रंट फेस, डैटसन सिग्नेचर ग्रिल और दमदार दिखने वाला बोनट। टॉप वेरिएंट में फ्रंट बंपर पर डे-टाइम रनिंग लाइट मिलेंगी, जो इसे और ज्यादा आकर्षक बनाती हैं। साइड प्रोफाइल से यह कार स्पोर्टी नजर आती है। यहां चौड़े व्हील आर्च के साथ कर्व लाइनें दी गई हैं।
क्विड के मामले में कहानी एकदम अलग है। यह छोटी एसयूवी जैसी लगती है। इसकी बॉडी पर प्लास्टिक क्लैडिंग और ड्यूल टोन बंपर दिए गए हैं। यह सब क्विड को स्पोर्टी अहसास देते हैं।
कद-काठी, फीचर्स और कीमतें
Datsun redi GO
लंबाई और चौड़ाई के मामले में क्विड, रेडी-गो से आगे है लेकिन ऊंचाई और ग्राउंड क्लीयरेंस के मामले में रेडी-गो आगे है। रेडी-गो का ग्राउंड क्लीयरेंस क्विड से 5 एमएम ज्यादा है। वहीं व्हीलबेस के मामले में भी रेडी-गो आगे है। इसका व्हीलबेस 2430 एमएम का है जबकि क्विड का व्हीलबेस केवल 2422 एमएम का है। इसका मतलब यह है कि रेडी-गो के केबिन में क्विड के मुकाबले ज्यादा स्पेस मिलेगा। बूट स्पेस के मामले में क्विड आगे है। इसमें 300 लीटर का बूट स्पेस दिया गया है जबकि रेडी-गो में सिर्फ 222 लीटर का बूट स्पेस मिलेगा।
एक्सटीरियर की तरह इंटीरियर की कहानी एकदम अलग है। क्विड का केबिन रेडी-गो के मुकाबले ज्यादा प्रीमियम नजर आता है। क्विड में सबसे खास है इसका टचस्क्रीन वाला इंफोटेंमेंट सिस्टम, जो नेविगेशन और ब्लूटूथ को सपोर्ट करता है। रेडी-गो में सिंगल डिन म्यूजिक सिस्टम है, यहां सिर्फ ऑक्स और यूएसबी कनेक्टिविटी सपोर्ट मिलेगा।
डैशबोर्ड की फिनिशिंग के मामले में भी क्विड ज्यादा प्रीमियम लगती है। केबिन में दी गई फैब्रिक अपहोल्स्ट्री के मामले में भी क्विड आगे है। रेडी-गो के केबिन में बॉडी के कई हिस्से कवर नहीं हुए हैं, जबकि क्विड में ऐसा नहीं है।
जल्द लॉन्च होने वाली रेडी-गो की कीमत क्विड से कम होगी। क्विड को 2.56 लाख रुपये (एक्स, शोरूम, दिल्ली) में लॉन्च किया गया था। अब इसकी कीमत 2.62 लाख रुपये है। कीमत के मामले में रेडी-गो को फायदा मिल सकता है। रेडी-गो की शुरुआती कीमत 2.39 लाख रुपये है।