फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Car Tips: बारिश में कैसे चलाएं कार का AC? 90% ड्राइवर करते हैं यह गलती, जानें विंडशील्ड पर धुंध रोकने का तरीका

Sun, 05 Jul 2026 10:30 AM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Car AC Tips: मानसून की बारिश भले ही सुकून भरी लगती हो, लेकिन कार ड्राइवर्स के लिए यह किसी आफत से कम नहीं होती। सफर के दौरान अचानक विंडशील्ड पर धुंध जम जाना और रास्ता दिखना बंद हो जाना एक आम समस्या है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस धुंध को साफ करने के चक्कर में 90 फीसदी लोग कार के एसी के साथ एक बहुत बड़ी गलती कर बैठते हैं? क्या आपके कार का एसी मोड ही आपको खतरे में डाल सकता है? जानिए मानसून में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए AC की सही सेटिंग और डिफॉगर के इस्तेमाल का वो तरीका, जो हर चालक को पता ही होना चाहिए।
 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Monsoon Car AC Tips: देश के कई हिस्सों में लोग अभी-भी चिलचिलाती गर्मी से परेशान हैं और मानसून की फुहारों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो जल्द ही बारिश की शुरुआत होने वाली है, जिससे तापमान तो गिरेगा लेकिन कार चालकों की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। दरअसल, मानसून आते ही हवा में नमी का स्तर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
विज्ञापन

नमी बढ़ने की वजह से कार के अंदरूनी केबिन और बाहर के वातावरण के तापमान में भारी अंतर आ जाता है। नतीजा यह होता है कि कार के शीशों और विंडशील्ड पर घनी भाप या धुंध जम जाती है। कई बार यह धुंध इतनी खतरनाक हो जाती है कि ड्राइवर को सामने का रास्ता देखना तक दूभर हो जाता है, जिससे सड़क हादसे का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में लोग घबराकर एसी चालू तो करते हैं, पर एक अनजानी गलती के कारण समस्या को और बढ़ा देते हैं।

90 प्रतिशत लोग कर बैठते हैं ये बड़ी चूक
  • एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगभग 90 प्रतिशत लोग बारिश के दौरान कार के एयर कंडीशनर का गलत मोड इस्तेमाल करते हैं। वे अक्सर केवल नॉर्मल कूलिंग मोड ऑन रखते हैं। विंडशील्ड को साफ रखने का असली राज कार के दो खास मोड्स में छिपा है।
  • जैसे ही आपकी कार के शीशों पर धुंध जमने लगे, सबसे पहले कार में चल रहे रिकर्कुलेशन मोड को तुरंत बंद कर देना चाहिए। इसके बजाय आपको फ्रेश एयर मोड को ऑन करना होगा। फ्रेश एयर मोड चालू होते ही बाहर की शुद्ध हवा केबिन के अंदर आने लगती है, जिससे कार के अंदर और बाहर का तापमान संतुलित हो जाता है। जैसे ही यह थर्मल बैलेंस बनता है, शीशों पर जमी भाप जादू की तरह गायब होने लगती है और आपकी विजिबिलिटी एकदम साफ हो जाती है।
विज्ञापन

फ्रंट और रियर डिफॉगर: धुंध को हटाने असरदार तरीका
बारिश में सुरक्षित सफर के लिए सिर्फ सही एसी मोड ही काफी नहीं है, बल्कि कार में दिए गए डिफॉगर बटनों की सही समझ होना भी जीवन रक्षक साबित हो सकता है। आधुनिक कारों में आगे और पीछे के शीशों के लिए अलग-अलग डिफॉगर दिए होते हैं:
  • फ्रंट डिफॉगर : इसे ऑन करते ही AC की ठंडी हवा का रुख सीधे सामने वाली मुख्य विंडशील्ड की तरफ हो जाता है। इससे सामने के शीशे पर जमी भाप पलक झपकते ही साफ हो जाती है।
  • रियर डिफॉगर : यह पीछे वाले शीशे पर काम करता है। ऑन होने पर यह शीशे को हल्का सा गर्म करता है, जिससे पीछे की तरफ जमी नमी और धुंध तुरंत पिघलकर साफ हो जाती है और पीछे का ट्रैफिक साफ दिखने लगता है।

16 डिग्री पर AC चलाना पड़ सकता है भारी
  • मानसून के दौरान सबसे आम और बड़ी गलती यह होती है कि लोग कार के केबिन को सुहाना बनाने के लिए या उमस से बचने के लिए एसी का तापमान बहुत कम (जैसे 16 या 18 डिग्री सेल्सियस) पर सेट कर देते हैं।
  • ऐसा करना सीधे तौर पर खतरे को आमंत्रण देना है। बहुत कम तापमान होने से कार का शीशा अंदर से जरूरत से ज्यादा ठंडा हो जाता है, जिससे बाहर की नमी उस पर और तेजी से चिपकने लगती है और धुंध कम होने के बजाय और ज्यादा गाढ़ी हो जाती है।

क्या है सही सेटिंग?
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स के अनुसार, मानसून के मौसम में कार के केबिन का तापमान हमेशा 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच ही सेट रखना चाहिए। यह एक परफेक्ट सेटिंग है, जिससे न तो कार के अंदर ज्यादा ठंडक या उमस होती है और न ही शीशों पर किसी भी तरह की धुंध जम पाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें