केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) की सफलता के बाद, अब भारत सरकार देश की सड़कों पर दौड़ने वाली डीजल गाड़ियों को भी हरा-भरा (Eco-friendly) बनाने की दिशा में काम कर कर रही है। हालांकि नितिन गडकरी ने यह बात कुछ समय पहले एक इवेंट में कही थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया अब वायरल हाे रहा है। उन्होंने बताया था कि जल्द ही डीजल में 15% आइसोब्यूटानॉल (Isobutanol) मिलाने की अनुमति दी जा सकती है। यह कदम भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
🚨 India is planning 15% isobutanol blending in diesel after E20 success in petrol: Minister Nitin Gadkari. pic.twitter.com/V4XLnXkPzl
— Indian Tech & Infra (@IndianTechGuide) July 5, 2026
E20 की सफलता के बाद अगला कदम
भारत पहले ही E20 कार्यक्रम के जरिए पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर चुका है। अब सरकार उसी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए डीजल के लिए भी वैकल्पिक बायोफ्यूल पर काम कर रही है। आइसोब्यूटानॉल ब्लेंडिंग को इसी रणनीति का अगला चरण माना जा रहा है, जिससे देश धीरे-धीरे पारंपरिक जीवाश्म ईंधन पर अपनी निर्भरता कम कर सके।
कब तक लागू होगा यह नियम?
फिलहाल इसके लागू होने को लेकर काेई बात सामने नहीं आई है। सरकार अभी सिर्फ 15 प्रतिशत आइसोब्यूटानॉल अनुमति देने की नीति और तकनीकी स्तर पर काम कर रही है। अभी इसकी आधिकारिक लॉन्च तारीख या लागू होने की समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
वाहनों पर क्या असर होगा?