कार चोरी हो जाए, इसकी कल्पना कोई सपने में भी नहीं करना चाहेगा। कई लोग अपनी जिंदगी भर की बचत को खर्च कर अपने सपनों की कार खरीदते हैं। वहीं चोर उसे चंद मिनटों में उड़ाकर उन्हें गहरा धक्का पहुंचाते हैं। बहुत कम मामलों में ही लोगों को उनकी चोरी हुई कार मिल पाती है। इंश्योरेंस कंपनी भी कार की पूरी कीमत के बजाए उसकी इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू यानी IDV ही देती है जो कार की असल कीमत से बहुत कम होता है।
लेकिन अगर आप अपनी कार का इंश्योरेंस खरीदते समय एक काम कर लें तो कार चोरी होने पर आपको उसकी ऑन रोड कीमत मिल सकती है। आइए इसके बारे में जानते हैं।
रिटर्न टू इनवॉइस पॉलिसी लें
Insurance Agent Working Car Accident Claim Process
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अगर आपकी कार चोरी हो जाए, आग लग जाए या किसी प्राक्रितिक आपदा में नष्ट हो जाए तो आपको का की पूरी वैल्यू मिल सकती है। इस नुकसान से बचने के लिए आपको कार का इंश्योरेंस लेने के समय Return to Invoice Policy को खरीदना होगा। इससे कार चोरी होने पर आपके लखों रुपये बच सकते हैं।
क्या हैं रिटर्न टू इनवॉइस पॉलिसी के फायदे?
- इस पॉलिसी में लोगों को इंश्योरेंस कंपनी IDV के बजाय गाड़ी की ऑन-रोड कीमत का भुगतान करती है। कार चोरी होने या पूरी तरह डैमेज होने की स्थिति में कंपनी आपको पूरी ऑन-रोड कीमत देती है।
- कार चोरी होने के 180 दिन बाद भी अगर कार नहीं मिली तो इस पॉलिसी के अनुसार कार मालिक को उसकी टोटल लॉस डिक्लेयर कर क्लेम अमाउंट दे दिया जाता है।
- सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां ग्राहकों को एक्स शोरूम कीमत देती हैं, जबकि कुछ प्राइवेट कंपनियां आरटीओ, इंश्योरेंस समेत बाकी खर्चों के जुड़ने के बाद की ऑन रोड कीमत कार मालिक को देती है।
- आप अपनी कार के लिए रिटर्न टू इनवॉयस पॉलिसी को कार खरीदने के तीन साल के अंदर ही खरीद सकते हैं। कुछ कंपनियां इसे 3 से 5 साल तक का ऑफर देती है।