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Budget 2026: एयरक्राफ्ट विनिर्माण को मिला बढ़ावा, घटकों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट का प्रस्ताव

Sun, 01 Feb 2026 01:07 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Automobile Sector Budget Announcements 2026-27: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 01 फरवरी 2026 को संसद में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया और इसके साथ ही देश के संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया। इस बजट में एविएशन और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए क्या खास रहा, आइए जानते हैं विस्तार से...
 
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बजट 2026 - फोटो : एआई
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विस्तार
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केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एविएशन और एयरोस्पेस सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। बजट में एयरक्राफ्ट विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख घटकों (Aircraft Manufacturing Components) पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में छूट देने का प्रस्ताव किया गया है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से भारत में विमान निर्माण की लागत घटेगी और देश को ग्लोबल एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में तेजी आएगी।

क्या है प्रस्ताव?

अब तक एयरक्राफ्ट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई अहम कंपोनेंट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी लगती थी, जिससे आयात लागत बढ़ जाती थी। बजट 2026 में प्रस्ताव रखा गया है कि चयनित एयरक्राफ्ट कंपोनेंट्स पर बीसीडी में छूट दी जाएगी, ताकि घरेलू विनिर्माण को प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।

एविएशन इंडस्ट्री को क्या होगा फायदा?

इस प्रस्ताव से एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग की कुल लागत कम हो सकती है। साथ ही घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है। इसके अलावा भारत में एयरक्राफ्ट असेंबली और पार्ट मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होगी और एमएसएमई और स्टार्टअप्स को सप्लाई चेन में जगह मिलेगी।

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मेक इन इंडिया को मिलेगा बल

सरकार के इस कदम को मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है। ड्यूटी में छूट मिलने से भारत में बनने वाले विमानों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी होंगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस फैसले से न केवल विमान निर्माण काे फायदा होगा, बल्कि एमआरओ (Maintenance, Repair and Overhaul) सेक्टर व डिफेंस और सिविल एविएशन से जुड़े एयरोस्पेस उद्योग को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

रोजगार और तकनीक को बढ़ावा

  • एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग एक हाई-टेक और हाई-वैल्यू इंडस्ट्री है।
  • इस प्रस्ताव से कुशल रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
  • एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजाइन क्षमता विकसित होगी।
  • भारत की टेक्नोलॉजिकल क्षमताएं मजबूत होंगी।

एविएशन इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि ये प्रस्ताव लंबे समय से लंबित मांग थी। बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट से भारत में एयरक्राफ्ट निर्माण को नई उड़ान मिल सकती है। इसके बाद अब सबकी नजरें इस प्रस्ताव के अंतिम नोटिफिकेशन और क्रियान्वयन पर टिकी हैं। अगर इसे जल्द लागू किया जाता है, तो आने वाले वर्षों में भारत वैश्विक एयरोस्पेस सप्लाई चेन में अहम भूमिका निभा सकता है।

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