लॉकडाउन के बाद भी बीएस 6 पेट्रोल और डीजल की कीमतों का ग्राहकों पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा। यानी यह मौजूदा समय में बिक रहे पेट्रोल डीजल की कीमत की तुलना में ज्यादा महंगा नहीं होगा।
जानकारी के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय ने सरकारी तेल कंपनियों से कहा है कि बढ़ी हुई कीमत को तेल कीमतों में मौजूदा गिरावट से एडजस्ट करें और कुछ हिस्सा ही ग्राहक पर डालें।
तेल कंपनियां चाहती हैं कि बीएस 6 पेट्रोल और डीजल के लागत मूल्य के हिसाब से उसके खुदरा मूल्य तय किए जाएं। इससे उनको घाटा हो रहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों से कहा कि वह बीएस 6 पेट्रोल और डीजल कीमत का सारा बोझ ग्राहकों पर डालने से पैनिक का वातावरण बन सकता है।
ऐसे में जरूरी है कि इसका बोझ ग्राहकों पर चरणबद्ध तरीके से डाला जाए। तेल कंपनियों ने लॉकडाउन में डायनमिक प्राइसिंग रोकी है, जिससे 37 दिन से पेट्रोल और डीजल के दामों में बदलाव नहीं किया गया है।