मोटरसाइकिल का प्रयोग अब भारत में दो प्रकार के लोग कर रहे हैं। इसमें एक तो वो हैं जो रोजमर्रा का काम पूरा करने के लिए राइडिंग करते हैं तथा दूसरे वो हैं जो फन के लिए राइड करते हैं। आज यहां पर हम जिस राइडिंग की बात करने जा रहे हैं वो पूरी तरह से फन से जुड़ा हुआ है। आज हम आपको यहां पर एक ऐसी मोटरसाइकिल से रूबरू करवाते हैं जो कि पूरी दुनिया में अपने इंथ्यूजियाज्म के लिए जानी जाती है। हम आपको यहां करवाने जा रहे नई KTM 390 DUKE। इस मोटरसाइकिल का इतिहास बहुत पुराना नहीं पर इसका इंथ्यूजियाज्म पूरी दुनिया में बाइक प्रेमियों के दिलों में धड़क रही है। 2012 के मिलन ऑटो शो से अपने सफर के शुरुआत करने वाली 390 ड्यूक अब नए रूप व स्वरूप में लॉन्च हो चुकी है। 2017 तक आते-आते यह मोटरसाइकिल बहुत आधुनिक शक्तिशाली बन गई है। आइए आपको ले चलते हैं पुणे के चाकन स्थित बजाज प्लांट में जहां के टेस्टिंग ट्रैक पर हम इस मोटरसाइकिल को चलाने जा रहे हैं।
KTM 390 DUKE से एक परिचय
KTM 390 DUKE की पहली टेस्ट राइड।
- फोटो : Amar Ujala
भारत में केटीएम 390 ड्यूक की बिक्री 2013 से शुरू हुई थी हालांकि इसे अमेरिकी बाजारों तक पहुंचने में और 2 साल का वक्त लगा। इस मोटरसाइकिल को चलाने से पहले इसे एक बार समझना ज्यादा जरूरी है। मैं ऐसा इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि इसमें फीचर्स की भरमार है और अगर आप इसे नहीं समझोगे तो इसके राइडिंग फन को पूरी तरह से नहीं जी पाओगे। मैं जब केटीएम को देखता हूं तो मुझे वो हॉलीवुड फिल्में याद आ जाती हैं जिनमें ढेर सारे एनीमेशन के जरिए ऐसी बाइक्स व कारें दिखाई जाती हैं तो वास्तविकता से काफी परे होती हैं। यह मोटरसाइकिल देखकर ही पता लग जाता है कि यह कितनी तेज होगी। 390 ड्यूक के जरिए कंपनी ने लोगों की बहुत सी शिकायतें दूर करने की भी कोशिश की है हालॉंकि यहां पर शिकायत शब्द से ज्यादा सही रहेगा अगर हम बोलें कि लोगों की मांग को देखते हुए कंपनी ने बहुत सारे परिवर्तन करने की कोशिश की है। अब इसका टैंक 13.5 लीटर का है यानी कि आप एक फुल टैंक में अब दूर तक राइड का आनंद उठा पाएंगे। भारत में अपने शुरुआत के बाद से ही केटीएम के लिए यह बाजार एक फायदे का सौदा साबित हुआ है और यह नई मोटरसाइकिल अपने परिवर्तन के साथ उन ऑटो इंथ्यूजियास्ट के उम्मीदों पर खरा उतरती है जो राइडिंग किसी काम के लिए नहीं बल्कि फन व आत्मानंद के लिए करते हैं। इसमें इतने फीचर्स दिए गए हैं जिन्हें प्रयोग करना एक छोटी राइड के दौरान आसान नहीं है।
बात डिजाइन की
केटीएम 390 ड्यृक की पहली टेस्ट राइड।
- फोटो : Amar Ujala
केटीएम की डिजाइन को समझना बेहद मुश्किल नहीं होता क्योंकि इस मोटरसाइकिल में उसी डिजाइन भाषा को फॉलो किया जाता है जिसमें स्पोर्टी अंदाज होता है। इस मोटरसाइकिल को देखकर बिना कोई नाम पढ़े कोई भी बता देगा कि यह केटीएम की मोटरसाइकिल है। इसमें दी गई ढेर सारी लाइनों और इसके तेज धारदार डिजाइन को देखकर ऐसा लगता है जैसे यह किसी हॉलीवुड फिल्म में अपना ऑडिशन देने जा रही हो। लेकिन सबसे ज्यादा मजा आता है इसके एलईडी हेडलैंप को देखने में। डे टाइम रनिंग हेडलैंप दो भागों में विभाजित है। इसके हेडलाइट को जितना मुझे केटीएम की डिजाइन टीम ने समझाया वह सब लिखने बैठूं तो उस एक आलेख आराम से बन जाएगा। इसके अलावा इस मोटरसाइकिल को और ज्यादा मजेदार बनाता है इसका टीएफटी कलर इंस्ट्रूमेंट डिस्प्ले। इसमें आप अपने स्मार्टफोन को ठीक वैसे ही कनेक्ट कर सकते हो जैसे आप अपनी कार में करते हो। इसका ईंधन टैंक पूरी तरह से नए रूप में डिजाइन किया गया है अब यह स्टील से बनाया गया है और इसकी ईंधन की क्षमता पुरानी मोटरसाइकिल की तुलना में 3.5 लीटर बढ़कर 13.5 लीटर की हो गई है। अब इसका ईंधन टैंक ज्यादा वर्टिकल और आगे की ओर उठा हुआ है इस वजह से राइडर को इसे चलाने में और आराम मिलता है।
कैसी है यह चलाने में
केटीएम 390 ड्यृक की पहली टेस्ट राइड।
- फोटो : Amar Ujala
390 ड्यूक में 373 सीसी लिक्विड कूल्ड इंजन लगा है, यह पुरानी मोटरसाइकिल की ही तरह एक लिक्विड कूल्ड सिंगल सिलेंडर इंजन है। यही वजह है इसके पावर में कोई बदलाव नहीं आया है और अभी यह मोटरसाइकिल 43.5 एनएम की शक्ति 9000 आरपीएम पर देती है लेकिन अब इसका टॉर्क 2 एनएम बढ़कर 37 एनएम हो गया है जो कि 7000 आरपीएम पर मिलता है। इस मोटरसाइकिल में अब राइड बाई वायर सिस्टम दिया गया है जो कि राइडिंग कंडीशन को और अधिक आरामदायक व उद्देश्यपूर्ण बनाता है।
मैं इसे ट्रैक पर चला रहा था और कॉर्नरिंग स्पीड को देखकर मैं इस मोटरसाइकिल इसलिए कायल हो गया कि एक दुपहिया को किसी कॉर्नर पर तेजी के साथ निकलना इतना आसान नहीं होता जितना चार पहिया को होता है। लेकिन अपने थ्रोटल रिस्पॉंस व रिस्पांसिव फ्रेम के जरिए यह बाइक पता ही नहीं चलने देती कि आप एक मोटरसाइकिल पर हो। मैंने स्ट्रेट पर 140 की स्पीड टच की और बिना देरी किए हल्के ब्रेकिंग के सहारे ट्रैक के उस हिस्से में पहुंच गया जिसे बोल बोला जाता है।
पलक झपकते ही फटाक गियर शिफटिंग के सहारे मैं ट्रैक को बीट कर रहा था। इंजिन रिस्पॉंस गियर शिफ्टिंग के साथ बेहतरीन तालमेल बिठा रहा था। ब्रेकिंग के बारे में सिर्फ इतना कहूंगा कि आप जहां मुसीबत में आते हैं बस इसकी ब्रेक को खुद पर भरोसा करके दबा दीजिए आप सुरक्षित खड़े हो जाएंगे। इस मोटरसाइकिल के अगले पहिए में 320 मिलीमीटर का फ्रंट ब्रेक डिस्क डायमीटर व पिछले पहिए पर 230 मिलीमीटर का ब्रेक इसे सशक्त ब्रेकिंग प्रदान करता है। इसका डिजिटल मीटर इतना आधुनिक बनाया गया है कि जैसे-जैसे आपकी गति बढ़ती जाती है इसका डिजिट बड़ा होता जाता है। ढेर लाइट्स के जरिए आपको इससे वार्निंग मिलती रहती है।
फीचर्स पर एक नजर
केटीएम 390 ड्यृक की पहली टेस्ट राइड।
- फोटो : Amar Ujala
इसके अपग्रेडेड वर्जन में ढेर सारे अपग्रेड दिए गए हैं। इसके तहत पहली बार इस मोटरसाइकिल में टीएफटी स्क्रीन दिया गया है जिस पर ढेर सारी सूचनाएं प्रदर्शित होती रहती है जब आप राइडिंग करते हैं। स्मार्टफोन के सारे कंट्रोल आपको बाएं हाथ पर हैंडल बार के ऊपर दिए गए स्विचेस से मिल जाते हैं। पर आपको इसे ऑपरेट करने के लिए एक बार सीखना जरूर पड़ेगा। लाइट के हिसाब से टीएफटी डिस्प्ले का रंग भी बदलता रहता है जिससे आपको इसे पढ़ने में कोई दिक्कत न आए। इसकी सबसे अच्छी चीज मुझे इसका डेलाइट रनिंग लैंप लगा जो जरूरत पड़ने पर इसके हेडलैंप को अपने आप ऑन कर देता है। इसके ब्रेक और क्लच लीवर को आप अपने सहूलियत के हिसाब से सेट कर सकते हैं। ऐसा इसलिए दिया गया है जिससे आपके ग्लव्स इसमें सेट बैठ सकें। रियर मोनोशॉक के लिए सस्पेंशन गार्ड भी दिया गया है साथ ही इसे ग्रैवल व कीचड़ से बचाने के लिए प्लास्टिक का एक सेफ गार्ड भी लगाया गया है।
क्या आपके लिए यह फायदे का सौदा होगी
केटीएम 390 ड्यृक की पहली टेस्ट राइड।
- फोटो : Amar Ujala
अगर आप एक ऑटो इंथ्यूजियास्ट नहीं हैं तो फिर यह मोटरसाइकिल आपको नहीं खरीदनी चाहिए। यह बाइक उसके लिए है जो लंबी राइडिंग के साथ राइडिंग को इंज्वॉय करता है। इसे खरीदकर आप अपने दोस्तों में एक अलग पहचान बना सकते हैं लेकिन इसे खरीदकर आप फील्ड वर्क नहीं कर सकते। 2 लाख 25 हजार 730 रुपये एक्सशोरूम दिल्ली में यह अपनी वैल्यू को साबित करती है। ये मानकर चलिए यह एक ऐसी बाइक है जो आपको लाखों में एक बना सकती है क्योंकि इतनी कीमत वाली बाइक खरीदने वालों में अभी बहुत सारे लोग शामिल नहीं हैं।