मोटर इंश्योरेंस में फर्जी क्लेम लेने के बढ़ते मामले पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के नियम सख्त कर दिए हैं। नए नियम के तहत साधारण बीमा कंपनियां अब थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के लिए कवर नोट नहीं जारी कर पाएंगी। कंपनियों को अब ग्राहकों को सीधे बीमा पॉलिसी देनी होगी।
वित्त मंत्रालय द्वारा सार्वजनिक साधारण बीमा कंपनियों को जारी किए गए दिशानिर्देश में कहा गया है कि वह थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस के घाटे को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएं। इसके तहत सरकारी कंपनियां निजी कंपनियों के साथ मिलकर कोर्ट के बाहर ही बीमा क्लेम के लिए समझौता कर सकती हैं। अभी क्लेम के संबंध में फैसला केवल कोर्ट में होता है। इसकी वजह से कंपनियों को ज्यादा क्लेम चुकाना पड़ता है।
मंत्रालय ने इसके अलावा सार्वजनिक कंपनियों को कहा है कि वह थर्ड पार्टी के लिए कवर नोट जारी करना तुरंत बंद करें। इंडस्ट्री के अनुसार कवर नोट बीमा पॉलिसी के एवज में दिया जाता है। इसमें एजेंट और दूसरे लोग मिलकर पिछली तारीख से क्लेम आदि के लिए फर्जीवाड़ा करते हैं। इससे कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ता है।
नए कदम से इस तरह के फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। नए निर्देश के तहत इसके अलावा कंपनियों को मोटर इंश्योरेंस मे थर्ड पार्टी पर क्षेत्र के आधार पर फर्जी क्लेम के आंकड़े और फर्जी क्लेम की प्रवृत्ति पर भी आंकड़े तैयार करने को कहा है ताकि इस पर रोक लगाई जा सके।