कुछ सालों पहले तक AMT कारों के बारें में किसी ने सुना नहीं था और कोई जनता भी नहीं था। लेकिन जब भारत में AMT कारों की एंट्री हुई तो लोगों को ये इतनी पसंद आई कि आज हर किसी AMT कारें ही खरीदना पसंद करता है। और इसकी सबसे बड़ी वजह बेहतर माइलेज और कीमत का कम होना। आज हर बड़ी कार कंपनी चाहे वो मारुति सुजकी हो, हुंडई हो, टाटा मोटर्स हो या फिर रेनो हो, हर कोई मॉस सेगमेंट में AMT कारें ऑफर कर रहा है। और आने वाले समय में लगभग हर बड़ी कार कंपनी भी AMT कारें ऑफर करेंगी।
AMT कार में जो सबसे बड़ी दिक्कत है वो ये हैं कि जब भी आप चढ़ाई पर या पहाड़ी इलाकों पर इसे लेकर जायेंगे और अगर किसी समय आपको गाड़ी रोकनी पड़े और फिर वापस चढ़ाई करनी पड़े तो गाड़ी रोलबैक मारती है, यानी पीछे की तरफ जाती है, D मोड पर भी गाड़ी आगे जाने की जगह पीछे की तरह जाती है जोकि खतरनाक साबित हो सकता है। वही मैन्युअल मोड में भी यह असरदार साबित नहीं होती। इतना ही नहीं नीचे की तरह यानी ढलान पर अगर गाड़ी रोकते हैं और रिवर्स गियर में डालकर पीछे की तरफ जाते हैं तो भी गाड़ी आगे की तरफ जाती है जोकि नहीं होना चाइये।
जब भी चढ़ाई पर या पहाड़ी इलाकों पर इस तरह की दिक्कत सामने आये तो उस कंडीशन में हैंडब्रेक लगाए, फिर D मोड पर शिफ्ट करें और एक्सलेरेशन को प्रेस करें, ऐसे करने से गाड़ी आसानी आगे बढ़ेगी फिर आप हैंडब्रेक हटा लीजिये। और तरीका ढलान के समय भी काम करेगा।
किसी भी AMT कार में गियर अप-शिफ्ट जल्दी होते हैं जबकि डाउन शिफ्ट लेट होते हैं, ऐसे में अगर आपको ज्यादा पावर या ज्यादा टॉर्क की जरूरत होती है तो यहां AMT कारें धोखा दे जाती हैं। मैन्युअल कार से हाइवे पर ओवर टेक करने में दिक्कत नहीं होती लेकिन AMT कारों से यह मुश्किल हो जाता है।
जब गाड़ी टॉप गियर में होती है और अचानक आपको पावर चाइये या किसी को ओवरटेक करना है तो आप एक्सलेरेशन को थोड़ा ज्यादा प्रेस कीजिये इससे गियर डाउन शिफ्ट में आ जाते हैं यानि 2nd गियर में आ जाते हैं जिसकी मदद से आपको पीक पावर मिलती है और आप आसानी से ओवरटेक कर पाते हैं।
AMT कारों में गियर शिफ्टिंग स्मूथ नहीं होती, जरकी गियर शिफ्ट की वजह से कभी-कभी ड्राइविंग के दौरान झटके महसूस होते हैं जिसकी वजह से गाड़ी चलाने का मज़ा खराब हो जाता है, और यह कई बार आपके एक्सलेरेशन को दबाने पर भी निर्मर करता है। CVT और DCT के मुकाबले AMT बिलकुल भी स्मूथ नहीं होते
अगर आप AMT कार से स्मूथ ड्राइविंग का मज़ा लेना चाहते हैं तो एक्सलेरेशन को आराम से प्रेस कीजिये, हार्ड या सॉफ्ट प्रेस करने से बचें।
ऑटोमैटिक मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT) जिसे सेमी ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन भी कहते हैं। AMT दरअसल ऑटोमैटिक या क्लच-लेस गियरबॉक्स नहीं है बल्कि यह एक मैनुअल ट्रांसमिशन है जो बिना क्लच दबाए गियर बदलने की सुविधा देता है। इस तरह के ट्रांसमिशन यूनिट में दो मुख्य चीजों - हाइड्रोलिक एक्यूटर सिस्टम और इलेक्ट्रिक कंट्रोल यूनिट का इस्तेमाल होता है। असल में यह एक किट है जिसे किसी भी रेग्युलर मैनुअल ट्रांसमिशन में जोड़ा जा सकता है। इसकी लागत CVT और DCT के मुकाबले काफी कम आती है। शुरुआत में AMT सिर्फ पेट्रोल कारों में आते थे लेकिन अब डीजल कारों में भी AMT की सुविधा मिलें लगी है। माइलेज की बात करें तो मैन्युअल कारों की तुलना में AMT कारों की माइलेज लगभग बराबर ही रहती है।
इस समय मारुति सुजुकी ऑल्टो, K10, सेलेरियो, डिजायर, स्विफ्ट जैसी कारों में AMT की सुविधा दे रही है, जबकि Hyundai की सेंट्रो में फिलहाल AMT की सुसिधा मिल रही है। इसके अलावा टाटा अपनी नेक्सन, टिगोर, टियागो में AMT की सुविधा दे रही है जबकि डैटसन की रेडीगो और रेनो अपनी क्विड में AMT ऑफर कर रही हैं। मैन्युअल के मुकाबले AMT कारों की कीमत करीब 50 हजार रुपये तक ज्यादा होती है ।