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Traffic Jam: 73 मिनट में 7 किलोमीटर का सफर! ट्रैफिक जाम से बदहाल हुआ शहर, सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा

Fri, 25 Jul 2025 07:26 PM IST
नीतीश कुमार ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बंगलूरू शहर की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। एक यूजर ने सोशल मीडिया पर 7 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगे 73 मिनट की आपबीती साझा कर नाराजगी जताई।
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ट्रैफिक जाम - फोटो : AI
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विस्तार
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देश की सिलिकन वैली कही जाने वाली कर्नाटक की राजधानी बंगलुरू अपने सुहाने मौसम और टेक कंपनियों के लिए जानी जाती है। लेकिन इन दिनों यह शहर एक अलग ही परेशानी से जूझ रहा है। जी हां, हम बात कर रहे हैं ट्रैफिक जाम की। यूं तो शहर में लोगों को हर रोज ट्रैफिक जाम से दो-चार होना पड़ता है, लेकिन मानसून के शुरू होते ही इस समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। ट्रैफिक जाम की समस्या इतनी गहरी हो गई है कि अब कंपनियां अपने कर्मचारियों को घर से ही काम (वर्क फ्रॉम होम) करने की सलाह दे रही है।
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वहीं, अब लोग ट्रैफिक जाम का दर्द सोशल मीडिया पर बयां कर रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है जिसमें यूजर ने दावा किया कि उसे शहर में 7 किलोमीटर का सफर तय करने में पूरे 73 मिनट का समय लग गया।

जाम के वजह से माइलेज गिरी
इस पोस्ट में यूजर ने लिखा, "नई कार है, डीजल SUV नहीं। फिर भी 4.4 kmpl का माइलेज मिला। और यह सिर्फ एक दिन की बात नहीं, बल्कि रोज की कहानी है। एक ही रास्ता, वही ट्रैफिक, वही झंझट।"
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सोशल मीडिया पर लोग सुना रहे आपबीती - फोटो : Reddit/(r/Bangalore)
यूजर ने ब्रुहत बंगलूरू महानगर पालिके (BBMP) की खराब प्लानिंग और कंस्ट्रक्शन के लिए खोदे गए सड़कों को इस हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा कि शहर अपने नागरिकों को हर रोज नाकाम कर रहा है और लोग अपनी जिंदगी के अनमोल घंटे जाम में गंवा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
पोस्ट वायरल होते ही कई अन्य यूजर्स ने भी अपना गुस्सा और दर्द बयां किया। एक यूजर ने कटाक्ष करते हुए लिखा, "भाषा से बंटे हैं, लेकिन ट्रैफिक जाम के वजह से एकजुट हैं। बीबीएमपी 1862 से लोगों को जोड़ने का काम कर रही है !"

एक और यूजर ने बताया, "पहले ऑफिस 7 KM दूर था, 1.15 घंटे लगते थे। अब 1.5 किलोमीटर पर आ गया हूं, पैदल जाता हूं 12-15 मिनट में। बाइक से जाने पर 40 मिनट भी लग जाते हैं। हालत वाकई खराब है।"

कुछ यूज़र्स ने तो इसे भविष्य में ‘फ्रेंच रेवोलुशन’ जैसे हालात की चेतावनी भी दी, जहां नाराज आम लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने ट्रैफिक पुलिस पर भी निशाना साधा और लिखा, "कानून तोड़ने वालों को छोड़कर ईमानदार टैक्सपेयर्स को ही परेशान किया जाता है।"
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