कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने सोमवार को स्पष्ट कहा कि रोड रेज के मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि “अगर आपके पास धैर्य नहीं है, तो बंगलूरू का ट्रैफिक आपको सिखा देगा, लेकिन धैर्य होना जरूरी है।”
आरोपी की दलील क्या थी?
आरोपी की ओर से वकील ने दलील दी कि वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और घटना के समय ऑफिस जा रहा था।
उन्होंने कहा कि इस घटना में कोई जानबूझकर हमला करने का इरादा नहीं था और एफआईआर में कुछ विसंगतियां भी हैं।
कोर्ट ने याचिका क्यों खारिज की?
कोर्ट ने कहा कि एफआईआर सही तरीके से दर्ज की गई है और मामले की जांच जारी है।
साथ ही, अदालत ने आरोपी को भविष्य में चार्जशीट के बाद दोबारा याचिका दायर करने की छूट दी।
घटना कैसे हुई?
पीड़ित के अनुसार, वे ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े थे और कार उनके आगे थी।
सिग्नल हरा होने के बावजूद कार आगे नहीं बढ़ी, जिससे पीछे खड़े लोगों ने हॉर्न बजाया।
इसके बाद जब सिग्नल लाल हुआ, तो कार चालक ने गाड़ी चलाई।
पीड़ित ने इशारे से कारण पूछा, जिसके बाद कार चालक ने उनका पीछा किया और तेज हॉर्न बजाते हुए अचानक गाड़ी मोड़कर उन्हें टक्कर मार दी।
क्या वीडियो सबूत भी सामने आया?
सरकारी पक्ष ने कोर्ट में घटना का वीडियो फुटेज पेश किया, जिससे मामले की गंभीरता और स्पष्ट हो गई।
यह फुटेज जांच में अहम भूमिका निभा सकता है।
क्या संदेश देता है यह फैसला?
इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि अदालत रोड रेज जैसे मामलों को गंभीरता से ले रही है।
ट्रैफिक में धैर्य और नियमों का पालन करना हर चालक के लिए जरूरी है। वरना कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।