वाहनों की खुदरा बिक्री (अप्रैल 2025)
- फोटो : FADA
कमर्शियल वाहनों की सेल हुई कम
FADA के अनुसार, अप्रैल में दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहन (PV) और ट्रैक्टर की बिक्री में क्रमश: 2.25%, 24.5%, 1.5% और 7.5% की वृद्धि हुई। वहीं, कमर्शियल वाहनों (CV) की बिक्री 1% घट गई। अलग-अलग सगमेंट में कैसी रही वाहनों की बिक्री कुछ इस प्रकार रही:
दोपहिया वाहन बिक्री: 16,86,774 यूनिट्स (पिछले साल: 16,49,591 यूनिट्स)
यात्री वाहन बिक्री: 3,49,939 यूनिट्स (पिछले साल: 3,44,594 यूनिट्स)
तिपहिया वाहन बिक्री: 99,766 यूनिट्स (पिछले साल: 80,127 यूनिट्स)
कमर्शियल वाहन बिक्री: 90,558 यूनिट्स (पिछले साल: 91,516 यूनिट्स)
ट्रैक्टर बिक्री: 60,915 यूनिट्स (पिछले साल: 56,635 यूनिट्स)
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ग्रामीण इलाकों में अच्छी फसल ने बढ़ाई मांग
FADA अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शादी सीजन और रबी की अच्छी फसल के चलते डीलरों ने पूछताछ में जबरदस्त उछाल देखा। वहीं, अच्छी बारिश और जलाशयों की स्थिति ने ग्रामीण मांग को मजबूती दी। शहरी मांग भी नई गाड़ियों के लॉन्च और त्योहारी खरीदारी की बदौलत बेहतर बनी रही, हालांकि बढ़ी हुई फाइनेंसिंग दरें और OBD2B उत्सर्जन मानकों के चलते कीमतों में इजाफा कुछ चुनौतियां जरूर पेश कर रहा है।
SUV बनी लोगों की पहली पसंद
पीवी सेगमेंट में SUV गाड़ियों की मांग अब भी मजबूत है। हालांकि, एंट्री-लेवल गाड़ियों के खरीदार अभी भी सतर्क हैं, जिससे डीलरशिप्स पर करीब 50 दिन का इन्वेंटरी स्टॉक जमा हो गया है। विग्नेश्वर ने कहा कि OEMs को प्रोडक्शन में सुधार कर स्टॉक घटाने की जरूरत है, ताकि डिस्काउंट और डीलरशिप की लागत को कम किया जा सके।
मई में कैसी रहेगी बिक्री
FADA के मुताबिक, मई महीने का आउटलुक मिश्रित है। यात्री वाहनों में मांग स्थिर लेकिन सुस्त रह सकती है, क्योंकि ग्राहक नए मॉडलों के लॉन्च का इंतजार कर रहे हैं।
दोपहिया सेगमेंट में शादी सीजन और फसल की आमद से पूछताछ बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन कड़ी क्रेडिट पॉलिसी, उच्च CIBIL स्कोर और डाउन पेमेंट की शर्तें खरीदारी को प्रभावित कर सकती हैं।
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गर्मी और स्कूल की छुट्टियों के कारण शोरूम विजिट्स भी कम हो सकती हैं। वहीं, कमर्शियल वाहन सेगमेंट हाई-बेस इफेक्ट, धीमी ई-कॉमर्स गतिविधि और इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की प्रतिस्पर्धा से प्रभावित रह सकता है। हालांकि, कुछ कंपनियों की ओर से टारगेटेड इंसेंटिव और आगामी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इस दबाव को थोड़ा कम कर सकते हैं।