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गियर बदल रहे ऑटो क्षेत्र को चाहिए नई तकनीक के वाहन

Fri, 20 Sep 2019 04:26 AM IST
संदीप भट्ट कालीचरण, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • ग्राहकों को पसंद आ रही हैं हेक्टर, वेन्यू और सेल्टोस जैसी कारें
  • टोयोटा की बीएस-6 ग्लैंजा ने बाजार में बढ़ाई कंपनी की हिस्सेदारी  
  • बीएस-6 लागू होने के बाद वाहन बाजार में स्थितियां सुधरने की उम्मीद
  • वाहन उद्योग में मंदी नहीं लेकिन बदल रहा भारतीय ग्राहकों का ट्रेंड
  • पुरानी तकनीक और फीचर्स वाली कारों से कर रहे किनारा
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विस्तार
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वाहनों की बिक्री में जारी गिरावट को देखते हुए यह कहा जाने लगा है कि देश का ऑटोमोबाइल क्षेत्र मंदी के दौर से गुजर रहा है। लेकिन हाल ही में लॉन्च हुईं नई तकनीक और नए फीचर से लैस कारों की रिकॉर्ड बुकिंग वाहन क्षेत्र में सुस्ती जैसी बातों को खारिज भी करती है।

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सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, कारों की बिक्री में जारी गिरावट के बीच एमजी की हेक्टर, किया की सेल्टोस और ह्यूंडई की वेन्यू ने बुकिंग का रिकॉर्ड बनाया है। इन कारों की बिक्री की बदौलत अगस्त में यात्री वाहन सेगमेंट में एमजी मोटर्स इंडिया, किया मोटर्स और ह्यूंडई की बाजार हिस्सेदारी में क्रमश: 0.32 फीसदी, 0.56 फीसदी और 2.77 फीसदी का इजाफा हुआ।

उधर, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है वाहन क्षेत्र में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र बदलाव के दौर से गुजर रहा है। इसके अलावा ग्राहक एक अप्रैल, 2020 से देशभर में बीएस-6 उत्सर्जन मानक के लागू होने और नई तकनीक एवं फीचर्स से लैस कारों के लॉन्च होने का इंतजार कर रहे हैं।

महंगी कार खरीदने को लंबी लाइन

पिछले कुछ महीनों में लॉन्च हुईं हेक्टर, सेल्टोस और वेन्यू जैसी कारें सस्ती नहीं हैं। इनकी कीमत 8 से 17 लाख रुपये के बीच है। खास बात यह है कि इन कारों को खरीदने के लिए लोग सात-आठ महीने का इंतजार भी कर रहे हैं। आलम यह है कि रिकॉर्ड मांग के कारण इसकी बुकिंग बंद कर दी गई है। सेल्टोस के लिए ग्राहकों को चार महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है और वेन्यू भी डेढ़-दो महीने इंतजार के बाद ही मिलती है।

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बुकिंग में बनाया रिकॉर्ड

अब तक इन कारों को अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। लॉन्च होने के 22 दिन के भीतर ही अत्यधिक मांग के कारण एमजी मोटर को इसकी बुकिंग अस्थायी तौर पर बंद करनी पड़ी। बुकिंग बंद होने से पहले आखिरी 36 घंटों में हेक्टर की रिकॉर्ड 7,000 बुकिंग हुई।

अब तक 3,526 हेक्टर कार बिक चुकी है। वहीं, 22 अगस्त को लॉन्च सेल्टोस की एक दिन में ही 6,046 बुकिंग हुई थी, जबकि वेन्यू ने सबसे तेज 60 दिनों में करीब 50 हजार बुकिंग का रिकॉर्ड बनाया। इस कार को पहले दिन करीब 2,000 बुकिंग मिली थी।

इन वजहों से सुस्ती का माहौल नवोन्मेश की कमी

Mahindra Car Plant - फोटो : File Photo (Twitter)
खरीदारों के बदलते ट्रेंड के बावजूद वाहन कंपनियां पुराने ढर्रे पर ही चल रही हैं। वे जहां अपनी कार में नई तकनीक और नए फीचर्स देखना चाहते हैं, वहीं अधिकतर कंपनियां अब भी डिजाइन में बदलाव पर ही अटकी हैं। इस कारण विटारा ब्रेजा, ह्यूंडई क्रेटा, टाटा हेक्सा जैसी कारों से खरीदार मुंह मोड़ने लगे हैं, जबकि नई तकनीक और नए फीचर्स से लैस हेक्टर, सेल्टोस, वेन्यू और टोयोटा ग्लैंजा जैसी कारें पसंद की जा रही हैं।


बीएस-6 मानक पर जोर

सरकार की ओर से सभी वाहन कंपनियों को कहा जा चुका है कि एक अप्रैल, 2020 से सिर्फ बीएस-6 इंजन वाली कारें ही बिकेंगी। इस कारण कंपनियों ने पुराने इंजन वाली गाड़ियां बनाना कम कर दिया है और पुराना स्टॉक निकालना चाह रही हैं।

हालांकि, कुछ कंपनियां अब भी बीएस-4 इंजन का ही इस्तेमाल कर रही हैं। इसके उलट खरीदारों का मानना है कि जब अगले साल से बीएस-6 इंजन वाली गाड़ियां आ रही हैं तो क्यों थोड़ा इंतजार कर लिया जाएगा। इस बीच जो कारें बीएस-6 इंजन पर आ रही हैं, उनकी मांग बढ़ रही हैं। टोयोटा की हैचबैक कार ग्लैंजा इसका उदाहरण है, जिसकी बिक्री की बदौलत टोयोटा की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है।
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ई-वाहनों का भी इंतजार, सुधरेंगी स्थितियां

car AC mileage on highway - फोटो : Social
देश में बहुत ऐसे खरीदार हैं, जिन्हें ई-वाहनों का इंतजार है। हालांकि, वे चाहते हैं कि सरकार ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कोई ढांचा तैयार करे। अभी ई-वाहन लेने में कतराने की बड़ी वजह चार्जिंग स्टेशन की कमी है। पेट्रोल पंप तो देश में हर जगह मिल जाएंगे, लेकिन ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन नहीं मिलेंगे। इसके अलावा ई-वाहनों के विकल्प भी काफी कम हैं।

परिवर्तन का है दौर, सुधरेंगी स्थितियां

पिछले महीने वाहन उद्योग की बिक्री में 30-35 फीसदी की गिरावट रही है। हालांकि, इसकी वजह सिर्फ मंदी नहीं बल्कि अन्य कारण भी हैं। भारतीय वाहन बाजार परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। बदलते दौर में लोग नई तकनीक और नए फीचर्स से लैस कार खरीदना चाहते हैं। यही वजह है कि हाल ही हमारी नई लॉन्च सेवन सीटर कार ट्राइबर को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। एक अप्रैल, 2020 से बीएस-6 मानक लागू होने के बाद स्थितियां सुधरने की उम्मीद है। -सुधीर मल्होत्रा, सेल्स हेड, रेनॉ इंडिया

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