एक कार में करीब 20 हजार से भी ज्यादा पुर्जों को फिट किया जाता है। कई बार थोड़े पैसे बचाने के चक्कर में लोग अपनी कार में लोकल जगह से सस्ती और घटिया एक्सेसरीज लगवा लेते हैं, और जो मकैनिक उन्हें फिट करते हैं वो भी अप्रशिक्षित होते हैं। ये लोग अक्सर जल्द बाजी में तारों को खुला छोड़ देते हैं या गलत तार को जोड़ देते हैं। जिसके चलते शॉर्ट सर्किट होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए हमेशा ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर से ही कार का काम करवाना चाहिए।
कुछ पैसे बचाने के चक्कर में अक्सर लोग अपनी कार में सस्ती और लोकल CNG/LPG किट लगवा लेते हैं। इस तरह की किटों में लीकेज की शिकायत बनी रहती है जो कई बड़े हादसों को अंजाम देती हैं। इसलिए हमेशा ऑथराइज्ड सेंटर से ही किट लगवाएं। आजकल बाजार में ओरिजिनल CNG/LPG किट आसानी से मिल जाती हैं। जबकि कार कंपनियां भी ओरिजिनल CNG/LPG किट के साथ कारें पेश कर रही हैं। फैक्ट्री फिटेड कंपनी फिट में सबसे पहले सिलिंडर पर ऑटोमैटिक रेगुलेटर व चेकवॉल लगा होता है। लीकेज या किसी दिक्कत के समय यह चेकवॉल फटाफट खुल जाते और सिलिंडर में से सारी गैस निकली जाती है जिसकी वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं होता। जबकि लोकल किट में ऐसा नहीं होता। लोकल CNG/LPG किट आपको 15,000 रुपये से लेकर 24,000 रुपये में मिल जायेंगी जबकि ओरिजिनल किट 55,000 रुपये के आस-पास आती है, यहां कीमत जरूर ज्यादा है लेकिन ये कीमत आपकी और आपके परिवार की जान से बढ़कर नहीं है।
बहुत बार देखा गया है कि लोग कार में फ्री दी जाने वाली सर्विस के समाप्त होने के बाद वारंटी को एक्स्टेंड नहीं कराते। पैसे बचाने के चक्कर में लोकल जगह से गाड़ी की सर्विस कराते हैं। कई बार अप्रशिक्षित मकैनिक गाड़ी की खराब और गलत सर्विस कर जाते हैं जिसकी वजह से गाड़ी में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।
जब किसी कार में आग लगती है तो सबसे पहले कार में लगे इलेक्ट्रिकल यूनिट जाम हो जाते हैं। पावर विंडो, सीट बेल्ट और सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम तक फेल हो जाते हैं, जिसकी वजह से कार में बैठे लोगों को बाहर निकलने में काफी दिक्कतें आती हैं।
अगर आपको इस बात का अंदाजा लग जाए कि आपकी कार आग की चपेट आ गई है तो तुरंत बाहर निकलने की कोशिश करें क्योंकि कार में बैठे लोग कार्बन मोनोऑक्साइड गैस की चपेट में आ सकते हैं, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है। कार के बोनट के नीचे आग लगी तो उसे खोलने की कोशिश बिलकुल न करें क्योकिं ऐसा करने से आग को भड़कने के लिए और ऑक्सिजन मिल जाएगी जोकि काफी घातक साबित हो सकता है। इसके अलावा कार में एक्स्ट्रा प्रेशन हॉर्न, लाइटें लगवाने से बचें क्योंकि इन्हें लगवाने में अलग से वायरिंग की जरूरत पड़ती है और इसका बोझ बैटरी पर भी पड़ता है। जिसकी वजह से आग का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं कार में डियोड्रेंट, एयर प्यूरिफायर और कोई ज्वलनशील पदार्थ न रखें।
सेफ्टी के हमेशा अपनी कार में कैंची, अग्निशमन यंत्र और हथौड़ी हमेशा रखनी चाइये। क्योंकि अगर आपकी कार में आग लग जाती है तो सीट बेल्ट जाम हो जाती जिसे आप कैंची की मदद से काट सकते हैं। आग बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र बेहद जरूरी है उपकरण है। और यदि कार में आग लग जाए तो हथौड़ी की मदद से आप कार के शीशे को तोड़कर बाहर निकल सकते हैं।