वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत के ऑटो सेक्टर में मजबूत मांग देखने को मिली। सोसायती ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (SIAM) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र ने यात्री वाहनों (पीवी) की बिक्री में देश में पहला स्थान हासिल किया। अक्तूबर–दिसंबर 2025 के दौरान राज्य में 1.58 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज हुई, जो कुल राष्ट्रीय बिक्री का लगभग 12.4% है। वेस्टर्न जोन ने ओवरऑल प्रदर्शन में बढ़त बनाई, जबकि दो-पहिया सेगमेंट में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा।
कहां रही सबसे ज्यादा उछाल
अक्तूबर से दिसंबर 2025 के बीच भारतीय सड़कों पर कारों का सैलाब देखा गया। महाराष्ट्र ने 1.58 लाख यूनिट्स बेचकर पहला स्थान हासिल किया। देश की कुल कार बिक्री में अकेले महाराष्ट्र की हिस्सेदारी लगभग 12.4% रही। मुंबई के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर रहा। इसके बाद गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु का नंबर आता है।
कुल बिक्री: पूरे भारत में इस दौरान कुल 12.76 लाख पैसेंजर गाड़ियां बिकीं।
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दो-पहिया वाहन (2W) में
भारत के मध्यम वर्ग की पसंद यानी बाइक और स्कूटर के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा मार्केट बना हुआ है। यूपी में रिकॉर्ड 8.62 लाख दो-पहिया वाहन बिके। इस लिस्ट में यूपी के बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और बिहार ने टॉप-5 में जगह बनाई।
कुल आंकड़े: देशभर में कुल 56.96 लाख दो-पहिया यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई।
कमर्शियल और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में कहां रही कितनी मांग?
कमर्शियल वाहन (CV): व्यापारिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों में भी महाराष्ट्र (46,000 यूनिट्स) टॉप पर रहा।
गुजरात और यूपी क्रमशः दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे।
थ्री-व्हीलर (3W): यहां गुजरात ने सबको चौंकाते हुए 25,000 यूनिट्स की बिक्री के साथ बाजी मारी। इसके बाद उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र का स्थान रहा।
क्या कहती है रिपोर्ट
एक्सपर्ट्स के अनुसार SIAM की रिपोर्ट से साफ है कि भारत का वेस्टर्न जोन (महाराष्ट्र, गुजरात आदि) ऑटो सेक्टर का असली पावरहाउस है। इस जोन ने अकेले 4.21 लाख कारें और 19.06 लाख दो-पहिया वाहन बेचकर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत रखी है।