दो हजार लोगों की नौकरी दांव पर
वहीं कंपनी के इस फैसले पर ऑटोमोबाइल डीलर्स की संस्था फाडा का कहना है कि इस फैसले से दो हजार लोगों की नौकरी दांव पर लग गई है। रिपोर्टस के मुताबिक हार्ले इस समय हीरो मोटोकॉर्प के साथ अपनी डील को आखिरी मुकाम तक पहुंचाने की कोशिशों में जुटी हुई है। इस डील के तहत कंपनी अपने बाइक्स का डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स हीरो को देगी, साथ ही हीरो को हार्ले की बाइक्स आयात करने और बेचने का भी अधिकार मिलेगा। हालांकि कंपनी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
देशभर में 33 शोरूम
हालांकि हार्ले डेविसन का कहना है कि भारत से स्थाई तौर पर जाने का कोई इरादा नहीं है। हम सभी विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, ताकि दिसंबर के बाद भी भारतीय बाजार में हमारी मौजूदगी बनी रहे। फिलहाल दोनों कंपनियां इस परर काम कर रही हैं कि कैसे हार्ले के देशभर में मौजूद 33 शोरूम्स को मैनेज किया जाएगा। भारत में हार्ले की सबसे पॉपुलर बाइक स्ट्रीट 750 थी। वहीं भारत को अलविदा कहने वाली हार्ले अकेली कंपनी नहीं है, बल्कि इससे पहले जनरल मोटर्स, फिएट, यूएम मोटरसाइकिल्स, मैन और स्कैनिया भी भारत छोड़ चुकी हैं।
केवल 25 हजार यूनिट्स ही बेची
भारत में हार्ले की एंट्री लगभग 10 साल पहले हुई थी और कंपनी ने उस दौररान कंप्लीटली बिल्ट यूनिट्स (सीबीयू) बेची थीं। बाद में हार्ले ने यहां पर अपना असेंबली प्लांट लगाया औरर सीधे अमेरिका से सीकेडी यानी कंप्लीटली नोक्ड डाउन यूनिट्स को आयात करके हरियाणा स्थित बावल प्लांट में असेंबल करना शुरू किया। हालांकि अभी तक कंपनी हार्ले की केवल 25 हजार यूनिट्स ही बेच सकी है। वहीं हार्ले की इनवेंट्री में बिना बिकी केवल 300 बाइक ही बची हैं।
टेकओवर नहीं कर रही हीरो
हालांकि जानकारों का कहना है कि दुनिया की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी हीरो मोटोकॉर्प हार्ले को टेकओवर नहीं कर रही है बल्कि वह भारत में हार्ले बाइक्स की असेंबली करेगी। अगर यह सीझेदारी हो जाती है तो हार्ले कंपनी भारत में बनी रहेगी। फिलहाल हार्ले इन दिनों अपने मौजूदा ग्राहकों की गाड़ियों की सर्विसिंग और स्पेयर पार्ट्स मुहैया करना के विकल्पों पर विचार कर रही हैं। माना जा रहा है इस साझेदारी के बारे में दो हफ्तों के भीतर आधिकारिक एलान हो सकता है।