चलते-चलते अक्सर गाड़ी का टायर पंक्चर हो जाए तो काफी परेशानी हो जाती है। खास तौर पर टू-व्हीलर्स वालों के लिए तो यह किसी आफत से कम नहीं होता। अगर गाड़ी में अच्छी ग्रिप वाले टायर्स लगे हैं तो टायर के पंक्चर होने की सम्भावना कम रहती है लेकिन पुराने और बिना ग्रिप वाले टायर्स का पंक्चर होना आसान है। अचानक टायर के पंक्चर होने की स्तिथि में गाड़ी का बैलेंस बिगड़ सकता है और गंभीर चोट भी लग सकती है। इस समय बाजार में ट्यूबलेस और बिना ट्यूब वाले टायर्स की भरमार है और इनकी कीमत में भी ज्यादा अंतर नहीं है। लेकिन बिना ट्यूब वाले टायर्स के कई फायदे हैं जो इसे बेहतर और सुरक्षित बनाते हैं आइये जानते हैं इस रिपोर्ट में।