देश की कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन इस समय एक बड़े संकट से गुजर रही है, जर्मनी के करीब 3 लाख से ज्यादा फॉक्सवैगन मालिकों ने कंपनी पर कानूनी कारवाई करने के संकेत दिए हैं। जिसके पीछे मसला तकनीकी हेराफेरी का है।
बता दें, फॉक्सवैगन ने 2015 में इस बात को स्वीकारा था, कि उसने करीब 1.1 करोड़ डीजल गाड़ियों में हेराफेरी की थी जिससे कार टेस्ट के समय कम उत्सर्जन करती थी। लेकिन, वास्तविकता कुछ और ही थी।
इस मामले में सुनवाई इस साल के अंत में होनी है। जर्मनी के नियमों के मुताबिक सुनवाई से एक दिन पहले तक लोग कंपनी के खिलाफ इस कानूनी लड़ाई में शामिल हो सकते हैं। फॉक्सवैगन इस हेरफेरी के चलते अब तक करीब दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान भर चुकी है।
इसी क्रम में अमेरिका में कंपनी ने पांच लाख कार लोगों से वापस खरीदी। इसके अलावा 7 लाख तक का मुआवजा भी भरना पड़ा। वहीं, जर्मनी में कंपनी ने कुल 14 हजार करोड़ रुपए बतौर जुर्माना दिया है।