यह नंबर प्लेट की खासियत सिर्फ एक संख्या और प्लेट तक सीमित नहीं है बल्कि इसके साथ दशकों की कहानी जुड़ी हुई है। यह कथित तौर पर पहली बार 1902 में बर्मिंघम में जारी किया गया था और सबसे पहले इसके मालिक चार्ल्स थॉम्पसन नाम के एक व्यक्ति बने। उस जमाने में जब ऑटोमोबाइल का दिखना बहुत ही दुर्लभ बात था, यह नंबर प्लेट काफी अनोखी थी और यह नंबर प्लेट और जिस वाहन यह लगी हुई थी, वह आसानी से पहचान लिया जाता था। जब 1955 में चार्ल्स का निधन हो गया तो यह बैरी थॉम्पसन को दे दिया गया था।
बैरी की 2017 में मृत्यु हो गई। उन्होंने इस नंबर प्लेट को Jaguar (जगुआर), Austin A35s (ऑस्टिन ए35), Mini (मिनी) और Ford Cortina (फोर्ड कॉर्टिना) जैसी कारों की कई सीरीज पर इसका इस्तेमाल किया था।
सिल्वरस्टोन नीलामी द्वारा हाल ही में की गई नीलामी तक नंबर प्लेट वाहनों से दूर रही। नीलामी में सबसे ज्यादा बोली लगाकर इस नंबर प्लेट को हासिल करने वाले विजेता का नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं है। लेकिन जितनी बड़ी धन राशि में इसे हासिल किया गया है उसे लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिली हैं। जबकि कुछ लोग इस विशाल भुगतान के संभावित भावुक कारणों को समझते हैं, वहीं दूसरों का कहना है कि इतने पैसों में न सिर्फ नई हाईएंड स्पोर्ट्स कारों आ जाती, बल्कि कुछ पुरानी विंटेज मॉडल की कारों भी खरीदी जा सकती थीं।
लेकिन कुछ भी हो, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि यह एक ऐसी नंबर प्लेट है, जो उस वाहन की तरह ही विशेष है, जिस पर इसे लगाया जाएगा।