दरअसल रात के समय अक्सर सड़क पर वाहन नजर नहीं आते, जिसकी वजह से एक्सीडेंट होने की सम्भावना बढ़ जाती है। अगर वाहनों की नंबर प्लेट के साथ आगे और पीछे एक चमकीली टेप को लगाया जाएगा तो रात को हेडलाइट्स की रोशिनी पड़ने पर टेप चमक जाएगी और यह आभास हो जाएगा की सामने कोई वाहन खड़ा है और चालक सतर्क भी हो जाएगा। इसलिए सरकार अब ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, ई-कार्ट, तिपहिया और ट्रैक्टर ट्रॉली सहित सभी वाहनों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव (चमकीला) टेप लगाना अनिवार्य करने जा रही है।
अगर किसी वाहन में चमकीली टेप नहीं लगी होगी तो वाहन के मालिक का चालान कटेगा और साथ ही भविष्य में ऐसे वाहनों का फिटनेस प्रणाम पत्र भी जारी नहीं करने का फैसला किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय वाहनों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप संबंधी अधिसूचना इस हफ्ते जारी की जा सकती है। और सुरक्षा के लिहाज से यह एक उचित कदम भी साबित होगा। अधिसूचना जारी होने के बाद यह कानून का रूप ले लेगा जिससे टेप नहीं लगाने पर भारी जुर्माना हो सकेगा।
नियम के मुताबिक ई-रिक्शा, ई-कार्ट और थ्री-व्हीलर वाहनों में आगे सफेद रंग व पीछे लाल रंग रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य होगा। अगर साइज की बात करें तो टेप की चौड़ाई 20 मिलीमीटर से कम नहीं होनी चाहिए। ध्यान रहे विभिन्न प्रकार के वाहनों में टेप के रंग व आकार अलग-अलग होंगे।
ई-रिक्शा में करीब 10 साल बाद रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का फैसला हो रहा है। ऑटो में यह व्यवस्था 2009 में लागू कर दिया था, लेकिन ई-रिक्शा में टेप लगाने का निर्णय टाल दिया गया। लेकिन सड़क हादसों में ई-रिक्शा संख्या लगतार बढ़ रही है जिसे देखते हुए अब टेप लगाने का निर्णय किया जा रहा है।
वाहनों में रिफ्लेक्टिव टेप लगवाना सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है। आप अभी भी आपकी गाड़ी में इस रिफ्लेक्टिव टेप को लगवा सकते हैं। इस समय बाजार में कई कंपनियों की रिफ्लेक्टिव टेप्स मौजूद हैं, उनमे से AIPL ऑटोमोटिव भी एक ऐसा ही ब्रांड है। कंपनी हाई-क्वालिटी रिफ्लेक्टिव टेप्स का प्रोडक्शन करती है।