खबरें हैं कि केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भी अगली बैठक में मोटर व्हीकल बिल में बदलावों को मंजूरी देने की तैयारी कर रहा है। बिल में सशोधनों को ज्यों का त्यों रखा गया है। इसमें सबसे बड़ा खास बदलाव यह होगा कि लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में आधार को जरूरी किया जा सकता है। वहीं सभी राज्यों में रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को कंप्यूटराइज करके यूनीफॉर्म रजिस्ट्रेशन प्रोसेस शुरू किया जाएगा। साथ ही, सरकार वन-नेशन-वन-टेक्स स्कीम को लागू करने की योजना बना रही है, जिसके बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में वाहन चलाना आसान हो जाएगा।
वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक सामान ढोने वाले वाहनों में प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए ऑटोमैटेड फिटनेस टेस्टिंग को शुरू किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो 1 लाख रुपये तक बढ़ सकता है, और राज्य सरकारें इसे 10 गुना तक बढ़ा सकती हैं।
साथ ही इस बिल में जो सबसे बड़े बदलाव होंगे, उनमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर भारी-भरकम जुर्माना, अगर नाबालिग से कोई दुर्घटना होती है, तो वाहन का मालिक भी आपराधिक रूप से भागीदार होगा, ऑटो कंपनियां वाहनों को रिकॉल करके खराब पार्ट्स को बदलेंगी और घायलों की मदद करने वालों को सुरक्षा मिलेगी।