Toyota Kirloskar Motor Bidadi plant in Karnataka
- फोटो : Toyota (For Reference Only)
Toyota Motor Corporation (टोयोटा मोटर कॉर्पोरेशन) ने कहा है कि वह भारत की उच्च टैक्स व्यवस्था के कारण अब यहां अपने कारोबार का और अधिक विस्तार नहीं करेगी। कंपनी का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक झटका माना जा सकता है, जो वैश्विक कंपनियों को लुभाकर भारत लाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं ताकि महामारी की वजह पटरी से उतर गई अर्थव्यवस्था की भरपाई की जा सके।
सरकार देगी प्रोत्साहन
रिपोर्ट के मुताबिक इस मुद्दे के जानकारों ने पिछले हफ्ते बताया था कि सरकार कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए आकर्षित करने के लिए 23 अरब डॉलर का इंसेंटिव देने की योजाना बना रही है। भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कार बाजार है। लेकिन ऑटोमोबाइल कंपनियों को अपने कारोबार को विस्तार देने के लिए मुश्किलों का लगातार सामना करना पड़ा रहा है।
ज्यादा टैक्स से नाराजगी
टोयोटा के भारतीय यूनिट Toyota Kirloskar Motor (टोयोटा किर्लोस्कर मोटर) के वाइस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन ने कहा कि सरकार ने कार और मोटरसाइकिल पर ज्यादा टैक्स लगा रखा है जिससे कंपनियों को अपने व्यापार को बढ़ाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ज्यादा टैक्स की वजह से गाड़ियां उपभोक्ताओं की पहुंच से बाहर हो रही हैं। इसका मतलब यह भी है कि फैक्ट्रियों में काम नहीं होगा और नौकरियां पैदा नहीं होगी।
भारत नहीं छोड़ेंगे
विश्वनाथन ने एक इंटरव्यू में ज्यादा टैक्स और कारोबार के मुद्दे पर कहा, "हमारे यहां आने और निवेश करने के बाद यह संदेश मिला कि हम आपको नहीं चाहते हैं।" टैक्स रिफॉर्म्स ना होने की वजह से हम भारतीय बाजार से पूरी तरह नहीं निकलेंगे लेकिन आगे अपना उत्पादन नहीं बढ़ाने वाले हैं। टोयोटा दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में शुमार है।
भारत में कम हुई बिक्री
टोयोटा ने भारत में 1997 में कारोबार की शुरुआत की थी। टोयोटा की भारतीय यूनिट में जापानी कंपनी की हिस्सेदारी 89 फीसदी है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2020 में घरेलू वाहन बाजार में टोयोटा की हिस्सेदारी 2.6 फीसदी रह गई है, जो एक साल पहले तक समान अवधि में 5 फीसदी थी।
वाहनों पर लग्जरी टैक्स
भारत में कारों, सिगरेट और चमकदार पानी को लग्जरी आइटम माना जाता है। जिससे इस पर लग्जरी गुड्स टैक्स लगता है और इसकी कीमतों में इजाफा हो जाता है। भारत में कार, दोपहिया वाहन, एसयूवी पर 28 फीसदी टैक्स लगता है। इसके अलावा इन वाहनों पर 1 से 22 फीसदी तक की लग्जरी गुड्स टैक्स लगता है। यह टैक्स कार के प्रकार, लंबाई और इंजन की क्षमता के आधार पर लगता है। 1500 cc से ज्यादा की इंजन क्षमता वाली 4-मीटर लंबी SUV पर 50 फीसदी टैक्स लगता है। इलेक्ट्रिक वाहनों पर फिलहाल थोड़ी रियायत है और इन पर 5 फीसदी टैक्स लगता है।
फोर्ड और जीएम भी हुई बाहर
जनरल मोटर्स कंपनी 2017 में भारतीय बाजार से निकल गई। फोर्ड मोटर ने भी पिछले साल अपने ज्यादातर एसेट्स भारत से बाहर ले जाने का फैसला किया है। फोर्ड मोटर कंपनी ने दो दशकों तक भारत में स्वतंत्र रूप से काम करने के बाद भी ग्राहकों को लुभान में सफल नहीं हो सकी। लिहाजा पिछले साल महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाने का एलान किया था।