टोयोटा मोटर ने अप्रैल में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी फॉक्सवैगन से 10 लाख अधिक कारें बेची हैं। इसी के साथ टोयोटा मोटर दुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बन गई है। यह लगातार तीसरी बार है जब कंपनी के सिर सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी बनने का सेहरा सजा है। टोयोटा के अधिकारियों का कहना है कि चीन में टोयोटा और फॉक्सवैगन दोनों ने ही कोरोना महामारी का सामना किया। इसके बावजूद कंपनी ने अपनी बेहतरीन रणनीति के जरिए इस संकट का शानदार तरीके से सामना किया।
हर कंपनी की बिक्री में आई गिरावट
टोयोटा मोटर का कहना है कि कारोना के कारण इस वर्ष के शुरुआती चार महीनों में हर ऑटोमेकर कंपनी की बिक्री में गिरावट आई है। टोयोटा की बिक्री में जहां 5.8 फीसदी तो फॉक्सवैगन की बिक्री में 26 प्रतिशत की गिरावट आई है।
लक्ष्य से चूक गई टोयोटा
ऑटोमेकर कंपनियों में सबसे बेहरतीन प्रदर्शन के बावजूद टोयोटा अपने वैश्विक उत्पादन लक्ष्य से चूक गई। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, कोरोना संकट के कारण अप्रैल में पिछले साल के मुकाबले 9.1 प्रतिशत कम उत्पादन हुआ। अप्रैल में कंपनी ने 6,92,259 का उत्पादन किया यह दुनिया भर में लगभग 7,50,000 वाहन बनाने के टारगेट से कम है।
वैश्विक उत्पादन का घटाया लक्ष्य
अप्रैल में उत्पादन घटने के बाद कंपनी ने वैश्विक उत्पादन योजना को जून के लिए घटाकर आठ लाख कर दिया है, जो पहले नौ लाख से ज्यादा था। कंपनी की ओर से कहा गया है कि वैश्विक बिक्री पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 11.1 प्रतिशत तक गिर गई है।