जापान की ऑटोमोबाइल निर्माता टोयोटा की फाइनेंस कंपनी Toyota Financial Services (टोयोटा फाइनेंशियल सर्विसेज) एक नई योजना लेकर आई है। इसके तहत टोयोटा फाइनेंशियल सर्विसेज फर्म द्वारा फाइनेंस वाहनों में कंपनी एक GPS Device (जीपीएस डिवाइस) लगाएगी। कंपनी के मुताबिक कई देशों में इस तरह के प्रयोग पहले ही किए जा चुके हैं।
टोयोटा फाइनेंस का कहना है कि कारों में GPS System (जीसीएस सिस्टम) लगाए जाने से खरीदारों को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही ग्राहकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। जीपीएस उपकरण से कार चोरी होने की संभावना कम हो सकेगी। टोयोटा फाइनेंशियल सर्विसेस के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ एन राजा ने यह जानकारी दी।
टोयोटा फाइनेंशियल सर्विसेज भारत में बिकने वाले हर तीन टोयोटा वाहनों में से एक को फाइनेंस करती है। जापानी कार निर्माता की वित्त शाखा यह जांच कर रही है कि थाईलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में यह प्रणाली कैसे काम कर रही है। और इसे भारत में किस तरह से लागू किया जा सकता है।
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, टोयोटा फाइनेंशियल सर्विसेस ने कहा, "हम सही उपकरण की तलाश में हैं। हम वेंडर्स के साथ करार करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि हम जीपीएस उत्पाद को स्थानीय स्तर पर बना सकें और अपने ग्राहकों को सस्ती कीमत में दे सकें। कंपनी कितनी जल्दी योजना पेश कर पाएगी यह उत्पाद पर निर्भर करता है।"
कंपनी के मुताबिक जीपीएस उपकरण के साथ आने वाली टोयोटा फाइनेंस की कारें कम चोरी होंगी। कंपनी के मुताबिक इससे ग्राहकों को कम इंश्योरेंस प्रीमियम के रूप में बड़ा फायदा मिल सकेगा। इसके साथ ही टोयोटा की फाइनेंस कंपनी को भी फायदा पहुंचेगा। कंपनी की फाइनेंस कारों में जीपीएस डिवाइस लगाने के बाद उन ग्राहकों को आसानी को खोजा जा सकेगा जो कार लोन की रकम चुकाने में आना-कानी करते हैं।
राजा के मुताबिक, डिवाइस को निर्माता द्वारा बाद में किसी भी मुद्दे को रोकने के लिए फिट किया जाए तो बेहतर होगा। इस तरह, यह वाहन का एक अविभाज्य अंग होगा और टैम्पर प्रूफ होगा।