पकड़े जाएंगे प्रदूषण करने वाले वाहन
सरकार ने जारी अधिसूचना में कहा है कि बीएस6 इंजन वाले पेट्रोल-सीएनजी चार पहिया वाहनों की नंबर प्लेट पर हरे रंग की पट्टी होगी, जबकि डीजल से चलने वाली गाड़ियों पर नारंगी रंग की पट्टी लगेगी। सरकार ने मोटर वाहन (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) आदेश, 2018 में संधोधन किया है। विशेषज्ञों का का कहना है कि स्टीकर से प्रदूषण करने वाले वाहनों का आसानी से पता लगाया जा सकेगा।
एचएसआरपी से छेड़छाड़ गैरकानूनी
सरकार ने इससे पहले हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट 2018 में आदेश जारी कर कहा था कि 01 अप्रैल, 2019 से सभी मोटर वाहनों पर यह नंबर प्लेट लगाई जाएगी और इस पर किसी तरह की छेड़छाड़ गैरकानूनी होगी। एचएसआपी निर्माताओं को प्रत्येक नए वाहन की विंडशील्ड के भीतर लगाई जाएगी। एचएसआरपी के तहत एक क्रोमियम बेस्ड होलोग्राम नंबर प्लेट के ऊपर बाईं तरफ आगे-पीछे दोनों ओर लगाया जाएगा, जबकि तीसरी नंबर प्लेट में वाहन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन के अनुसार कलर कोडिंग होगी।
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान हो सकेगी
इस कलरकोडिंग का फायदा यह होगा कि इससे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान हो सकेगी। वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर के विशेषज्ञों का कहना है कि ने वाहन निर्माता कंपनियों को वाहनों में एडवांस एमीशन कंट्रोल सिस्टम फिट करना चाहिए, जो जो डीजल वाहनों में 70 फीसदी और पेट्रोल वाहनों में 25 फीसदी तक नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करेगा।
नहीं हटेंगे BS4 वाहन
वहीं सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि बीएस4 वाहनों को सड़कों से हटाने की कोई योजना नहीं है और तय समय से पहले उनका रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं किया जाएगा। सरकार का कहना है कि बीएस6 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों से देश में वायु प्रदूषण का स्तर कम करने में मदद मिलेगी।