3 साल पहले फेल हो गया था परिक्षण
तीन साल पहले उड़ने वाली गाड़ी का कंपनी ने परीक्षण किया था, लेकिन वो असफल रहा था।
30 मिनट तक गाड़ी को उड़ाने का लक्ष्य
यह कार अभी 5 से 10 मिनट तक हवा में उड़ सकती है। ऐसे में इंजीनियरों का पहला लक्ष्य इसे 30 मिनट तक हवा में उड़ाना है।
2023 तक आ सकता है प्रोडक्शन मॉडल
तोमोहिरो फुकुजावा की अगुवाई में स्काईड्राइव की इस परियोजना को अंजाम दिया गया। सफल परीक्षण के बाद तोमोहिरो फुकुजावा ने कहा कि साल 2023 तक उड़ने वाली कार के प्रोडक्शन मॉडल के आने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि इसे सुरक्षित बनाना एक बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में उड़ने वाली कार को लेकर दुनियाभर में 100 से ज्यादा परियोजनाएं चल रही हैं, लेकिन इनमें से कुछ ही परियोजनाए हैं, जो एक व्यक्ति को लेकर उड़ान भरने में कामयाब रहीं।
कब शुरू हुई परियोजना?
स्काईड्राइव की यह परियोजना साल 2012 में शुरू हुई थी।
ये कंपनियां भी हैं शामिल
स्काईड्राइव की इस परियोजना में तीन दिग्गज कंपनियां भी शामिल हैं। इनमें,
- जापान की टोयोटा मोटर कॉर्प,
- इलेक्ट्रॉनिक कंपनी पैनासॉनिक कॉर्प
- वीडियो गेम कंपनी नैमको