भारत अपनी सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सामान्य बनाने की दिशा में छोटे लेकिन मजबूत कदम उठा रहा है। ऐसे में दुनिया की इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी Tesla (टेस्ला) भारतीय परिदृश्य से अपनी गैर-मौजूदगी पर लंबे समय से विचार करती रही है। अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित कंपनी ने भारत में आने को लेकर अपने निर्णय के बारे में बहुत कम जानकारी दी है, लेकिन अब एक नई रिपोर्ट से पता चलता है कि टेस्ला बंगलूरू में एक रिसर्च एंड डेवलप्मेंट सेंटर (आर एंड डी) (अनुसंधान और विकास केंद्र) खोलने पर विचार कर सकती है।
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Tesla Model 3
- फोटो : For Reference Only
मीडिया रिपोर्ट्स में एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि टेस्ला बंगलूरू में आर एंड डी केंद्र खोलने के लिए कर्नाटक राज्य सरकार के साथ बातचीत कर रही है। अधिकारी ने कथित रूप से कहा, "पहला प्रस्ताव आर एंड डी केंद्र के लिए है और हमने कम से कम दो दौर की चर्चाएं कर ली हैं।"
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Tesla CEO Elon Musk with Tesla EV cars
- फोटो : For Reference Only
हालांकि अभी न तो राज्य सरकार या फिर टेस्ला ने इस बारे कोई आधिकारिक पुष्टि की है, लेकिन फिर भी इस खबर ने भारतीय मोटर वाहन उद्योग में पूरी तरह से एक हलचल पैदा कर दी है।
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Tesla Model 3
इलेक्ट्रिक वाहनों की बात करें तो टेस्ला को स्थापित और पारंपरिक कार-निर्माण कंपनियों के मुकाबले काफी बढ़त हासिल है। इसने चीन के शंघाई में वर्ष 2019 के आखिर में, अमेरिका के बाहर अपने पहले कारखाने से, उत्पादन शुरू कर दिया, जहां यह बहुत मजबूती से अपने पैर जमाने में कामयाब रही है। ऐसी भी खबरें हैं कि सीईओ एलोन मस्क के नेतृत्व वाली कंपनी दक्षिण कोरिया जैसे अन्य एशियाई बाजारों में अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रही है, जहां वह स्थानीय खिलाड़ियों को कुछ कड़ी प्रतिस्पर्धा दे रही है।
मस्क ने हालांकि, इससे पहले कहा था कि भारत में प्रतिबंधात्मक नीति की वजह से टेस्ला भारत में एंट्री नहीं कर पा रही है।
भारत के इलेक्ट्रिव वाहन के सपनों को टेस्ला के आर एंड डी केंद्र से बड़ी उड़ाने मिल सकती है, क्योंकि कई लोग कहते हैं कि दुनिया के चौथे सबसे बड़े ऑटोमोटिव बाजार में आर एंड डी केंद्र खोलना, कंपनी द्वारा उठाए जाने वाले कई कदमों में से पहला कदम हो सकता है।