टाटा टिगोर एक्सएम के पेट्रोल वर्जन की कीमत 4.99 लाख रुपए है
घरेलू बिक्री में हुई बढ़त और टाटा टियागो व टाटा टिगोर की सफलता ने टाटा मोटर्स को सहारा जरूर दिया है, हालांकि कंपनी अभी भी फायदे में नहीं है। सिर्फ टाटा नैनौ नहीं, कंपनी को हर कार पर नुकसान झेलना पड़ रहा है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इकॉनमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि सिर्फ टाटा नैनो नहीं, कंपनी को हर यात्री वाहन पर घाटा हो रहा है।
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रतन टाटा और सायरस मिस्त्री के बीच हुए विवाद के दौरान टाटा नैनो से हो रहे घाटे को लेकर कई सवाल उठे थे। हालांकि अब खुद चेयरमैन ने स्वीकार कर दिया है कि कार सेग्मेंट में कंपनी संकट से गुजर रही है और करीब एक दशक से बिक्री में गिरावट देखने को मिली है। एन चंद्रशेखरन ने इच्छा जताई कि टाटा मोटर्स को कमर्शियल व्हीकल के सेग्मेंट में ध्यान देना चाहिए, जिससे यात्री वाहन बाजार में घाटा कम हो सके। इससे पहले कंपनी की योजना कुल 1200 सप्लायर्स की संख्या में 300-400 की कटौती करने की थी।
टाटा मोटर्स अब नए वाहनों को बनाने का खर्च घटाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए कंपनी वर्तमान प्लेटफॉर्म को हटाकर एडवांस मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म (AMP) पर आगामी कारों का निर्माण करेगी। 2019 में इस प्लेटफॉर्म पर बना पहला वाहन लॉन्च हो सकता है। कंपनी इलेक्ट्रॉनिक वाहनों पर भी फोकस कर रही है। हाल ही में टाटा मोटर्स को सरकारी कंपनी एनर्जी एफिशियंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) की ओर से इलेक्ट्रॉनिक कारों के लिए 1120 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी 10 हजार इलेक्ट्रिक Tigor की सप्लाई करेगी।