रूस में काफी समय से इस प्लेन को पर काम किया जा रहा है ताकि इसे बेहतर बनाया जा सके। आपको बता दें कि इस प्लेन ने अपनी पहली उड़ान भरी है। इस प्लेन ने 1700 किलोमीटर की यात्रा पूरी और मास्को से क्रीमिया पहुंची।
अब इस प्लेन से पूरी दुनिया का चक्कर की तैयारी हो रही है। 2021 में इससे पूरी दुनिया का चक्कर लगाने की योजना बना रहे इस प्लेन के पायलट फ्योडोर कोनियुकोव। फिलहाल तो इस प्लेन पर काम जोरो पर चल रहा है और सफल होने पर इसके फाइनल प्रोडक्शन मॉडल पर काम किया जायेगा।
सौर ऊर्जा से चलने वाले इस प्लेन के प्रोजेक्ट पर काम करने वाली टीम के मुताबिक यह प्लेन 7 दिनों में सौर ऊर्जा की मदद से पूरा चार्ज होगा। और पूरी धरती का चक्कर लगाने में सक्षम होगा।