अपने नए मॉडलों के सहारे टाटा मोटर्स भारतीय बाजार में अपने उस सपने को पूरा करना चाहता है जिसे सालों पहले कंपनी के मैनेजमेंट ने देखा था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं और टाटा मोटर्स तरक्की के शिखर की ओर बढ़ चुका है। टाटा टियागो, हेक्सा व टिगोर के जरिए कंपनी ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। लोगों को ये गाड़ियां पसंद भी आ रही हैं। पैसेंजर कार बिजनेस में सबसे बढ़िया ग्रोथ टाटा को ग्रामीण इलाकों में नजर आ रही है। यही वजह है कि टाटा की रणनीति अब ग्रामीण इलाकों के पगडंडियों को छूती हुई बनाई जाएगी जिससे वह मुकाम हासिल किया जा सके जो अब कंपनी को दिखने लगा है।
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टाटा मोटर्स के ओर से जारी एक आधिकारिक स्टेटमेंट में कहा गया है कि 35 फीसदी बिक्री का कुल हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों से आ रहा है, यही वजह है कि अब टाटा की रणनीति में ग्रामीण इलाकों को साथ लेकर योजना बनाई जाएगी। इसकी दो वजहें हैं एक तो ये है कि मेट्रो में रहने वाले लोगों की अपेक्षाएं और खर्च करने की क्षमता बढ़ चुकी है इसलिए वो बड़ी गाड़ियों की ओर बढ़ रहे हैं इसलिए अब सिर्फ महानगरों पर निर्भर रहना ठीक नहीं है दूसरा ये कि अब गांवों में रहने वाले लोगों के पास खर्च करने के लिए काफी पैसा है और उनकी आकांक्षाएं भी आसमान छू रही हैं।