फ्रांस की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी Renault (रेनो) ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया कि उसने अपने डीजल वाहनों पर उत्सर्जन परीक्षणों में धोखा दिया है। इस बयान के पहले रेनो ने इस बात की पुष्टि की थी कि वह गंभीर आरोपों का सामना कर रही है। कंपनी का कहना है कि लेकिन वह उस बात के लिए दोषी नहीं है जो उस आरोप लगाया जा रहा है।
समाचार एजेंसी के मुताबिक अभियोजकों ने आरोप लगाया है कि रेनो ने डीजल कारों के उत्सर्जन परीक्षणों में धोखा दिया है। लेकिन इसके तुरंत बाद कंपनी ने एक बयान जारी किया। रेनो ने अपने बयान में कहा, "रेनो किसी भी अपराध से इनकार करता है और यह याद दिलाता है कि उसके वाहन प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों में कोई भी रिगिंग (हेराफेरी वाले) सॉफ्टवेयर नहीं हैं।"
हेराफेरी वाले सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ईंधन उत्सर्जन के आंकड़ों में हेरफेर करने के आरोपों का सामना पहले भी कई वाहन निर्माता कर चुके हैं। इससे पहले Volkswagen (फॉक्सवैगन) और Peugeot (प्यूजो) सहित कई अन्य कार निर्माताओं को इस आरोपों ने परेशान किया है। पिछले कई वर्षों के विवाद में फॉक्सवैगन को दंड, कानूनी खर्चों आदि में लगभग 32 बिलियन यूरो (करीब 2 अरब 84 करोड़ रुपये) की कीमत चुकानी पड़ी है। वहीं प्यूजो की भी जांच की गई है।
हालांकि, रेनो का कहना है कि उसने हमेशा फ्रांस और पूरे यूरोप में नियमों का पालन किया है।
फिर भी, इन आरोपों की वजह से रेनो की छवि पर प्रभाव पड़ सकता है। खासतौर पर इसलिए कि क्योंकि इसके कुछ मौजूदा और पुराने शीर्ष अधिकारियों पर उत्सर्जन डेटा नतीजों को गलत साबित करने का आरोप लगाया गया है।