अब होंडा के सभी कारों का प्रोडक्शन कंपनी के राजस्थान प्लांट में होगा। वहीं, ग्रेटर नोएडा के प्लांट में कंपनी का कॉर्पोरेट ऑफिस और R&D डिपार्टमेंट होगा। इसके साथ ही ऑटोमोबाइल, टू-व्हीलर और पावर प्रोडक्ट बिजनेस के लिए स्पेयर पार्टस (गोदाम सहित) के सभी काम पहले की तरह ग्रेटर नॉएडा प्लांट से ही संचालित होते रहेंगे।
एचसीआईएल का तापुकारा प्लांट 450 एकड़ में फैला हुआ है। इसकी उत्पादन क्षमता 1,80,000 इकाई प्रति वर्ष है। यह एक एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है जिसमें फोर्जिंग, प्रेस शॉप, पावरट्रेन शॉप, वेल्ड शॉप, पेंट शॉप, प्लास्टिक मोल्डिंग, इंजन असेंबली, फ्रेम असेंबली और इंजन टेस्टिंग की सभी सुविधाएं शामिल हैं।
हौंडा कार्स इंडिया के प्रेसिडेंट और सीइओ गाकु नाकानिशी ने कहा, “पिछले तीन महीनों में बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद, मौजूदा बाजार की स्थिति उद्योग के लिए अप्रत्याशित बनी हुई है। कोविड-19 के प्रभाव ने हमें अपनी कार्यकुशलता को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया है, और इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एचसीआईएल ने तापुकारा संयंत्र को एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग बेस बनाकर अपने विनिर्माण कार्यों को वहां केंद्रित करने का निर्णय लिया है। एचसीआईएल को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर पूरा विश्वास है और बाजार में तेजी से सुधार की उम्मीद है। हौंडा की वैश्विक रणनीति में भारत बेहद महत्वपूर्ण बाजार है और एचसीआईएल भविष्य में इलेक्ट्रिफाइड वाहनों सहित अपने नवीनतम और एडवांस तकनीक वाले मॉडल पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।”