कारोबारी गतिविधियां शुरू होने का असर वाहनों की बिक्री पर भी दिखने लगा है। यही वजह है कि यात्री वाहनों की थोक बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 26.45 फीसदी बढ़ी है। यह लगातार दूसरा महीना है, जबकि बिक्री में तेजी आई है। अगस्त में बिक्री 14.16 फीसदी बढ़ी थी।
वाहन निर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के शुक्रवार के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में कुल 2,72,027 यात्री वाहन बिके।
यह आंकड़ा सितंबर, 2019 के 2,15,124 इकाइयों के मुकाबले 26.45 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान कारों की बिक्री 28.92 फीसदी बढ़कर 1,63,981 इकाई रही। दोपहिया वाहनों की बिक्री 11.64 फीसदी बढ़कर 18,49,546 इकाई और मोटरसाइकिल बिक्री 17.3 फीसदी बढ़कर 12,24,117 इकाई रही।
सितंबर तिमाही में 17 फीसदी इजाफा
सियाम के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही में यात्री वाहनों की बिक्री 17 फीसदी बढ़कर 7,26,232 इकाई रही। पिछले साल की समान तिमाही में कुल 6,20,620 यात्री वाहन बिके थे। इस दौरान दोपहिया वाहनों की बिक्री मामूली बढ़कर 46,90,565 इकाई रही।
हालांकि, वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 20.13 फीसदी घटकर 1,33,524 इकाई रह गई। यह लगातार छठवीं तिमाही है, जब वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री में गिरावट बनी हुई है। आलोच्य तिमाही में तिपहिया वाहनों की बिक्री में भी 74.63 फीसदी गिरावट रही, जबकि सभी श्रेणियों की वाहनों की कुल बिक्री मामूली घटकर 55,96,223 इकाई रह गई।
किया मोटर्स की बिक्री 147 फीसदी बढ़ी
किया मोटर्स की बिक्री इस साल सितंबर में सालाना आधार पर 147.23 फीसदी बढ़कर 18,676 इकाई रही। वहीं, मारुति सुजुकी इंडिया ने इस दौरान कुल 1,47,912 वाहन बेचे, जो सितंबर 2019 से 33.91 फीसदी ज्यादा है। ह्यूंडई मोटर की बिक्री 23.6 फीसदी बढ़कर 50,313 इकाई रही।
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद
सियाम के अध्यक्ष केनिची आयुकावा का कहना है कि वाहनों की बिक्री में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। इसे देखते हुए कंपनियां भी उत्पादन बढ़ा रही हैं। शनिवार से शुरू हो रहे त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, ऑटो लोन पर ब्याज की दर कम (वर्तमान में 8 फीसदी से नीचे) होने से भी लोग नए वाहन खरीदने के लिए आगे आएंगे।