सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि संसद में संशोधित मोटर वाहन कानून 2019 पारित किए जाने के बाद पांच महीनों में देश में सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में 10 फीसदी की कमी आई है। वहीं उन्होंने ये भी खुलासा किया कि नए मोटर व्हीकल एक्ट से वे भी नहीं बच पाए हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि हमारे देश में साल भर में पांच लाख सड़क हादसे होते है, जिनमें डेढ़ लाख लोगों की जान जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सड़क हादसों में हताहत लोगों की संख्या को कम करने के मकसद से मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक तैयार किया, जिसे पिछले साल संसद में पारित किया गया।
उन्होंने बताया कि इस कानून के कड़े प्रावधानों के कारण देश के विभिन्न राज्यों में सड़क हादसों की संख्या में कमी आयी है। उन्होंने इस कानून के लागू होने के बाद गुजरात में 14 फीसदी, उत्तर प्रदेश में 13 फीसदी, मणिपुर में चार फीसदी, जम्मू कश्मीर में 15 फीसदी, आंध्र प्रदेश में सात फीसदी और सर्वाधिक तमिलनाडु में 24 फीसदी की कमी आयी है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस दौरान केरल में सड़क हादसों में 4.9 फीसदी और असम में आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने कहा कि नया मोटर वाहन कानून लागू होने के बाद पांच महीनों में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या में दस फीसदी की कमी आयी है।
गडकरी ने कहा कि सरकार का स्पष्ट मत है कि सड़क हादसों में लोगों की मौत कम से कम हो इसलिए इस कानून को कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक दुपहिया वाहन पर चार-चार लोग बैठते है। शराब पीकर वाहन चलाते हैं। सड़क नियमों का पालन नहीं करते।
इसके कारण होने वाली दुर्घटनाओं में लोगों की बेवजह जान जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अमीर-गरीब अथवा शिक्षित-अशिक्षित में कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता क्योंकि मानव जीवन अमूल्य है।
गडकरी ने बताया कि चूंकि सड़क परिवहन समवर्ती सूची में है, इसलिए नये कानून में अर्थदंड तय करने का फैसला राज्य सरकारों पर छोड़ा गया, किंतु कानून में इसके लिए सीमा तय की गयी है।
उन्होने बताया कि देश में 1000 ड्राइविंग स्कूल खोले जाने हैं, जिसमें से 22 ऐसे स्कूल खोल दिये गये हैं।
सड़क परिवहन मंत्री ने टोल बूथों से जुड़े एक पूरक प्रश्न के उत्तर में बताया कि इस समय टोल बूथों पर 73 फीसदी लेनदेन फास्ट टैग के जरिए किया जा रहा है। जिसे एक महीने के भीतर बढ़ाकर 98 फीसदी किया गया है।
उन्होंने कहा कि यातायात निगरानी तंत्र में अब मशीनों की मदद लिए जाने के कारण अधिक चालान कट रहे हैं और भ्रष्टाचार में कमी आ रही है। उन्होंने कहा कि मुंबई में उनकी निजी कार का चालान काट दिया गया और उनके नाम का चालान भेजा गया। उन्होंने कहा कि इसी तरह कई मुख्यमंत्रियों के वाहनों का भी चालान काटा गया।