फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वाहन की रफ्तार ले रही है रोजाना करीब 400 लोगों की जान

Sun, 21 Oct 2018 11:35 AM IST
ऑटो डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
car accident
विज्ञापन

भारत के लोग रफ्तार के दीवाने हैं इस बात से तो सभी अवगत हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही रफ्तार लोगों की जान की दुश्मन बन रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल लगभग 4 लाख रोड़ ऐक्सिडेंट हुए। जिनमें मरने वालो की संख्या 1 लाख से भी ज्यादा थी और इसमें घायल लोगों की संख्या 4  लाख से भी ज्यादा रही।

विज्ञापन


आंकड़ों की बात करें तो भारत में रोजाना लगभग एक हजार हादसे होते हैं जिनमें  हर घंटे 16 लोगों की मौत हो जाती है। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में लोग ड्राइविंग करते समय लोग कितनी लापरवाही बरतते हैं। पिछले साल चौपहिया हलके वाहनों से लगभग तीस प्रतिशत हादसे हुए। वहीं बात करें भारी वाहनों की तो ट्रक, ट्रैक्टर आदि से 20 प्रतिशत हादसे हुए।

इनमें सबसे ज्यादा हादसे दो पहियां वाहन से हुए, जिसका आंकड़ा तकरीबन 34 प्रतिशत है। यानी आज के समय में चौपहिया वाहनों की तुलना में दो पहिया वाहन ज्यादा जान के दुश्मन बने हुए हैं। कई बार आपने देखा होगा लोग जल्दी पहुंचने के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर सिर्फ बाइक भगाने में विश्वास रखते हैं। इसकी कीमत इन्हें अपनी जान से चुकानी पड़ती है। 
विज्ञापन


बात करें सरकारी आंकड़ो की तो रोड ऐक्सिडेंट में साल 2016 की तुलना में लगभग 4 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं इसमें घायल होने वालों की संख्या में भी करीब 4.8 फीसदी की गिरावट हुई है। इन हादसों में सबसे पहला नंबर तमिलनाडु का है। उसके बाद मध्य प्रदेश और कर्नाटक की सड़कों पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें