जापान की Mitsubishi Motors Corporation (मित्सुबिशी मोटर्स कॉर्पोरेशन) ने सोमवार को कोरोना वायरस महामारी के कारण बिक्री में गिरावट से दूसरे वर्ष भी नुकसान का अनुमान लगाया है।
जापान में छठवां स्थान रखनेवाली ऑटोमोबाइल कंपनी ने मार्च 2021 को समाप्त होने वाले वर्ष के लिए 140 बिलियन येन (1.33 अरब डॉलर) के परिचालन घाटे की आशंका जताई है क्योंकि यह दो वर्षों में अपने कार्यबल और उत्पादन को कम करने की योजना बना रहा है, साथ ही तय लागतों में 20 फीसदी की कटौती करने के लिए घाटे में चल रहे डीलरशिप को बंद करेगी।
यह कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड के अनुसार पिछले 18 वर्षों में मित्सुबिशी का सबसे बड़ा नुकसान होगा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेको काटो ने संवाददाताओं को बताया, "घाटे की भरपाई के लिए, सभी अधिकारियों की शीर्ष प्राथमिकता लागत में कटौती के लिए कर्मचारियों के साथ संकट की भावना को साझा करना है।"
कोरोना वायरस संकट ने कंपनी के संघर्ष को बढ़ा दिया है जो पहले से ही चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया में गिरती बिक्री से जूझ रही थी, जो कि इसका सबसे बड़ा बाजार है और इसकी बिक्री का एक चौथाई हिस्सा यही से आता है।
पुनर्गठन की योजना के तहत, निसान-रेनॉल्ट ऑटोमोबाइल समूह के एक जूनियर सदस्य, मित्सुबिशी ने कहा कि यह अगले साल पजेरो एसयूवी क्रॉसओवर मॉडल बनाना बंद कर देगा, और जापान में प्लांट को बंद कर देगा जहां वाहन बनाया जाता है।
आउटलैंडर एसयूवी के निर्माता ने कहा कि यह यूरोप और उत्तरी अमेरिका में अपनी उपस्थिति को कम करेगा और एशिया के बाजारों में अपनी उपस्थिति को बढ़ने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
पुनर्गठन योजना को वर्ष 2022/23 में कंपनी के परिचालन लाभ को 50 अरब येन तक बढ़ाने और ऑपरेटिंग मार्जिन को मौजूदा -9.5 फीसदी से बढ़ाकर 2.3 फीसदी तक करने के लिए डिजाइन किया गया है।
मित्सुबिशी ने 30 जून को खत्म होने वाली पहली तिमाही में 53.3 बिलियन येन परिचालन घाटा दर्ज किया, एक साल पहले की तुलना में 127,000 यूनिट्स के साथ बिक्री आधे से भी कम हो गई है और तीन तिमाहियों में दूसरा परिचालन घाटा है।
कंपनी ने इस अवधि में 116 अरब येन का असाधारण घाटा दर्ज किया और इस वर्ष इस तरह के घाटे के कुल 220 अरब येन रहने की आशंका है।
पैसे बचाने के लिए, वाहन निर्माता ने कहा कि वह इस वर्ष लाभांश का भुगतान नहीं करेगा।