देश की सबसे बड़ी ऑटो निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति काफी दिलचस्पी दिखाई। बीते वित्त वर्ष में कंपनी ने महज एक साल में लगभग 90 करोड़ रुपये कारपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी के तहत खर्च किए। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए कंपनी को सीएसआर के तहत 140 करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति मिली है। इसके तहत मारुति सड़क सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी पहलुओं पर काम करेगी।
बीते सालों में मारुति ने सेफ ड्राइविंग के लिए 2.95 लोगों को ट्रेनिंग दी। साथ ही 40 नए ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल शुरू किए। मौजूदा समय में मारुति के भारत के 190 शहरों में 400 ड्राइविंग स्कूल चल रहे हैं। इसके अलावा कई जरूरी कार्यक्रमों को मारुति ने शुरू किया जिससे लोग नियमों का पालन करते हुए सही तरीके से ड्राइव करें।
स्किल डेवलमेंट के तहत मारुति आईटीआई छात्रों की नियुक्ति बड़े पैमाने पर अपने डीलर नेटवर्क पर कर रही है। इस बार 2205 छात्रों को नौकरी दी गई जो कि 2015-16 में महज 1100 थी। पिछले तीन सालों में 25 आईटीआई को इस कार्यक्रम के तहत अपग्रेड किया है। हर साल इसका फायदा लगभग 6500 छात्रों तक पहुंच रहा है।
मारुति कम्यूनिटी डेवलपमेंट के तहत 14 नए गांवों को तीन सालों में गोद ले चुकी है। इसके तहत गांवों को बुनियादी सुविधाओं में मदद करने के साथ छात्रों की शिक्षा भी सुनिश्चित करवा रही है।